आयकर रिटर्न भरने वालों को देनी होगी सभी बैंक खातों की जानकारी


नई दिल्ली। इस साल आयकर रिटर्न भरते समय आयकर विभाग करदाताओं से उनके सभी बैंक खातों की जानकारी पूछेगा। यही नहीं, यदि रिटर्न दाखिल करने वाले ने एक साल पहले किसी अन्य देश की यात्रा की है तो उसके बारे में भी सभी जानकारी देनी होगी। वेंâद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी है। गौरतलब है कि देश की कुल आबादी में से महज ३ फीसदी लोग ही रिटर्न दाखिल करते हैं। सीबीडीटी की अधिसूचना संख्या ४१ में असेसमेंट वर्ष २०१५-१६ के लिए आयकर रिटर्न फार्म- आईटीआर-१, आईटीआर-२ और आईटीआर -४एस को अधिसूचित किया है। आयकर विभाग ने सभी रिटर्न भरने वालों को सभी तरह के बैंक खाते की पूरी जानकारी देना अनिवार्य कर दिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि चाहे खाता चल रहा हो या बीते वर्ष बंद करवा दिया गया हो, सबकी जानकारी देना अनिवार्य है। यदि किसी रिटर्न भरने वाले व्यक्ति का पति/पत्नी/मां/ पिता/बेटा/बेटी या किसी अन्य व्यक्ति के साथ संयुक्त खाता हो, तो भी सूचना देना अनिवार्य है। इसमें बैंक खाता संख्या, बैंक का नाम, बैंक की शाखा कौन सी है, उसका आईएफएससी कोड, संयुक्त खातेदार कौन हैं, जैसी जानकारी देनी होगी। यदि रिटर्न भरने वाले का कोई मियादी जमा खाता आवर्ती जमा खाता या ऋण खाता है, तो उसकी जानकारी देनी होगी।
इस वर्ष अधिसूचित सभी तरह के रिटर्न फार्म में आधार संख्या का कॉलम भी रखा गया है। हालांकि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों को ध्यान में रख कर फिलहाल इसे अनिवार्य नहीं किया गया है लेकिन आयकर अधिकारी इसमें करदाताओं को आधार संख्या भरने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। वित्त वर्ष २०१४-१५ के दौरान जिस करदाता ने किसी अन्य देश की यात्रा की है, उन्हें भी इस बार आयकर रिटर्न फार्म में कुछ विशेष जानकारी देनी होगी। सीबीडीटी ने निवासी और गैर निवासी, दोनों किस्म के करदाताओं के लिए विदेश यात्रा की विस्तृत जानकारी देना अनिवार्य कर दिया है। आय कर रिटर्न फार्म में पासपोर्ट संख्या, यह कहां से जारी हुआ है, किस देश की यात्रा की गई है, कितनी बार यात्रा हुई है, वहां कितना खर्च हुआ है आदि की जानकारी इस बार आपको बतानी होगी।