आज से यह होंगे सस्ते और महंगे


नई दिल्ली। मोदी सरकार के पहले आम बजट २०१५-१६ में वित्त मंत्री अरूण जेटली द्वारा घोषित सेवाकर के कुछ प्रस्तावों के आज से प्रभावी होने के साथ ही बिजनेस क्लास में विमान यात्रा, म्यूचुअल पंâडों व चिटपंâड में निवेश महंगा हो जाएगा जबकि चिड़िया घर, संग्रहालयों और बाघ अभ्यारण्यों में प्रवेश के टिकट सस्ते हो जाएंगे। बजट प्रावधानों के अनुसार आज से रेल से खाद्यों की ढुलाई पर सेवा कर की छूट केवल अनाज के परिवहन तक सीमित रहेगी जिसमें चावल, दालें , आटा , दूध और नमक की ढुलाई सेवा कर से मुक्त होगी। अन्य सामानों की ढुलाई महंगी होगी।
गौरतलब है कि वित्त मंत्री अरण जेटली ने सेवाकर को तर्वâसंगत बनाने के लिए पिछले महीने कई प्रस्ताव किए। बजट में सेवाकर की दर बढ़ाकर १४ प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया है। अभी इसकी प्रभावी दर १२.३६ प्रतिशत है।
सेवाकर से जुड़े अन्य प्रस्ताव एक अप्रैल, २०१५ से प्रभावी हो जाएंगे इनमें चिड़िया घर, संग्रहालयों, राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभ्यारण्य एवं बाघ अभ्यारण्य में प्रवेश जैसी सेवाओं को दी गई कर छूट शामिल है। इसी तरह, जीवन बीमा योजना, वरिष्ठ पेंशन बीमा योजना, एंबुलेंस सेवा, फलों व साqब्जयों की खुदरा पैिंकग पर भी कोई सेवाकर नहीं लगेगा। वहीं दूसरी ओर, हवाई यात्रा महंगी हो जाएगी क्योंकि अब टिकट के ६० प्रतिशत मूल्य पर सेवाकर लगेगा जो अभी ४० प्रतिशत मूल्य पर लगता है। ` इकोनामी क्लास को छोड़कर अन्य वर्गों टिकट पर सेवाकर के मामले में एबेटमेंट (छूट) का अनुपात घटाया जा रहा है। इस तरह के उच्च श्रेणियों की विमान यात्राओं पर टिकट मूल्य के ६० प्रतिशत पर सेवाकर देय होगा।’
म्यूचुअल पंâड के एजेंटों द्वारा दी जाने वाली सेवाओं, लाटरी टिकटों की मार्वेâिंटग, विभागीय संचालित सार्वजनिक टेलीफोन एवं हवाईअड्डा व अस्पतालों से नि:शुल्क फोन काल्स सेवाकर के दायरे में होंगे। सेवाकर को तर्वâसंगत बनाए जाने के तहत ऐसी निर्माण सेवाएं एक अप्रैल से सेवाकर से मुक्त होंगी, बशर्ते ये निर्माण सेवाएं ऐतिहासिक स्मारकों, िंसचाई के काम, जलार्पूित एवं सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के संबंध में सरकार को उपलब्ध कराई जा रही हों। किसी हवाई अड्डे या बंदरगाह से संबंधित मूल कार्यों का निर्माण, उन्हें खड़ा करना और चालू करने या स्थापित करने के काम को सेवा कर से मिली छूट १ अप्रैल से वापस कर ली गयी है। लोकगीत और शास्त्रीय संगीत के कलाकारों की सेवा को सेवा कर के दायरे से बाहर रखा गया है बशर्ते उनका भुगतान १ लाख रुपए से कम हो।