सूरत : एएम/एनएस इंडिया और आईआईटी रुड़की के बीच रणनीतिक एमओयू पर हस्ताक्षर
शिक्षा, अनुसंधान और स्टील प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नवाचार को मिलेगा बढ़ावा, उद्योग-अकादमिक सहयोग को मिलेगी नई दिशा
हजीरा (सूरत), 9 जून 2026। आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया (एएम/एनएस इंडिया) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) ने शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और उद्योग-जुड़ाव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक रणनीतिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस साझेदारी का उद्देश्य उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सहयोग को मजबूत करना, भविष्य के लिए तैयार कार्यबल विकसित करना तथा भारत के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए व्यावहारिक अनुसंधान को प्रोत्साहित करना है।
यह सहयोग एएम/एनएस इंडिया की वैश्विक औद्योगिक विशेषज्ञता और विनिर्माण क्षेत्र में व्यापक अनुभव को आईआईटी रुड़की की शैक्षणिक एवं अनुसंधान उत्कृष्टता के साथ जोड़ता है। दोनों संस्थान मिलकर प्रतिभा विकास, तकनीकी नवाचार, औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता और अनुसंधान आधारित समाधानों को बढ़ावा देंगे।
एमओयू के तहत दोनों संस्थान संयुक्त रूप से शैक्षणिक कार्यक्रमों, एग्जीक्यूटिव एजुकेशन, व्यावसायिक विकास पाठ्यक्रमों तथा कार्यबल परिवर्तन संबंधी पहलों को विकसित और संचालित करेंगे। इसके अलावा उद्योग-केंद्रित परामर्श सेवाएं, तकनीकी सलाह, समस्या-समाधान परियोजनाएं और प्रौद्योगिकी मूल्यांकन जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग किया जाएगा।
साझेदारी के अंतर्गत अनुसंधान, नवाचार, तकनीकी विकास, बौद्धिक संपदा निर्माण, प्रकाशन और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण जैसी गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
एएम/एनएस इंडिया अपनी उद्योग-एकीकृत शैक्षणिक पहल नैमटेक (न्यू एज मेकर्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) के माध्यम से इस सहयोग को आगे बढ़ाएगा।
नैमटेक का उद्देश्य शिक्षा और उद्योग के बीच की दूरी को कम करते हुए अनुभवात्मक शिक्षण, उद्योग आधारित पाठ्यक्रमों और वास्तविक समस्याओं के समाधान के माध्यम से भविष्य के लिए सक्षम प्रतिभाओं का निर्माण करना है।
एएम/एनएस इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) दिलीप ओम्मेन ने कहा कि भारत के औद्योगिक परिवर्तन के लिए उद्योग और शिक्षा जगत के बीच गहरे सहयोग की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि आईआईटी रुड़की और नैमटेक के साथ मिलकर कंपनी भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करने, अनुसंधान को गति देने तथा विनिर्माण और स्टील उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मकता एवं स्थिरता को मजबूत करने की दिशा में कार्य करेगी।
आईआईटी रुड़की के निदेशक डॉ. के.के. पंत ने इस सहयोग को शैक्षणिक अनुसंधान को उद्योगोन्मुख परिणामों में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने कहा कि आईआईटी रुड़की की अनुसंधान क्षमता, एएम/एनएस इंडिया की औद्योगिक विशेषज्ञता और नैमटेक के उद्योग-एकीकृत शिक्षण मॉडल का संयोजन ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करने में सहायक होगा।
नैमटेक के निदेशक मंडल के सदस्य संजय शर्मा ने कहा कि इस साझेदारी से अनुभवात्मक शिक्षण, व्यावहारिक अनुसंधान और नवाचार-आधारित समाधानों के लिए नए अवसर सृजित होंगे, जो उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप होंगे।
यह एमओयू दीर्घकालिक सहयोग का आधार तैयार करेगा और शिक्षा तथा उद्योग के बीच निरंतर संवाद और साझेदारी के माध्यम से भारत के विनिर्माण एवं स्टील क्षेत्रों में नवाचार, प्रतिभा विकास और तकनीकी प्रगति को नई दिशा प्रदान करेगा।
