सूरत : नासीरनगर तोड़फोड़ मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित

नगर निगम कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका की होगी जांच, आयुक्त ने बनाई छह सदस्यीय कमेटी

सूरत : नासीरनगर तोड़फोड़ मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित

सूरत। सूरत के सेंट्रल ज़ोन स्थित नासीरनगर में हाल ही में हुए विवादित तोड़फोड़ प्रकरण की जांच के लिए सूरत नगर निगम प्रशासन ने उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है।

इस मामले ने पिछले कई दिनों से शहर में व्यापक चर्चा और विवाद को जन्म दिया है। घटना को लेकर यह सवाल लगातार उठ रहे हैं कि तोड़फोड़ किसके आदेश पर की गई, इसके लिए कौन जिम्मेदार था और क्या इसमें नगर निगम के कर्मचारियों या अधिकारियों की कोई भूमिका रही है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम आयुक्त ने आधिकारिक रूप से छह सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति को पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सूत्रों के अनुसार, नासीरनगर प्रकरण में नगर निगम के कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका को लेकर विभिन्न स्तरों पर शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इन्हीं शिकायतों और सार्वजनिक विवाद के मद्देनज़र प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं।

जांच समिति के अध्यक्ष के रूप में डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर एम.एम. गज्जर को नियुक्त किया गया है। समिति में डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर एम.एम. डॉक्टर, अतिरिक्त सिटी इंजीनियर एम.डी. चावड़ा, एक्जीक्यूटिव इंजीनियर के.एल. वसावा, एक्जीक्यूटिव इंजीनियर आर.डी. गांजावाला तथा डिप्टी इंजीनियर मोहसिन ए. कागजी को सदस्य बनाया गया है।

समिति यह जांच करेगी कि नासीरनगर में की गई कार्रवाई किस स्तर पर स्वीकृत हुई थी, प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन किया गया था या नहीं, तथा नगर निगम के कर्मचारियों एवं अधिकारियों की भूमिका क्या रही। साथ ही, संभावित प्रशासनिक चूक या लापरवाही के पहलुओं की भी समीक्षा की जाएगी।

नासीरनगर प्रकरण को लेकर शहर में बढ़ते विवाद और जनप्रतिनिधियों तथा स्थानीय लोगों की ओर से उठाए जा रहे सवालों के बीच जांच समिति के गठन को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें समिति की रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं।

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