सूरत : राम नाम ही मानव जीवन का सबसे बड़ा सहारा : संत अलका श्रीजी

संगीतमयी श्रीरामकथा के चौथे दिन सुंदरकांड एवं रामेश्वरम पूजन का हुआ आयोजन, श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे

सूरत : राम नाम ही मानव जीवन का सबसे बड़ा सहारा : संत अलका श्रीजी

वेसू स्थित कैपिटल ग्रीन सोसायटी बैंक्वेट हॉल में आयोजित पांच दिवसीय संगीतमयी श्रीरामकथा के चौथे दिन मंगलवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा के दौरान संत अलका श्रीजी ने सुंदरकांड का संगीतमय एवं भावपूर्ण वाचन अर्थ सहित प्रस्तुत किया। साथ ही रामेश्वरम पूजन का आयोजन भी संपन्न हुआ।

कथा वाचिका संत अलका श्रीजी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि कलयुग में भगवान की प्राप्ति का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम सच्चे मन से किया गया स्मरण तथा राम नाम का कीर्तन है। उन्होंने कहा कि छल, कपट और अहंकार मनुष्य के जीवन में अशांति उत्पन्न करते हैं, जबकि सरलता, विनम्रता और निर्मलता से जीवन की अनेक समस्याओं का समाधान संभव हो जाता है।

उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने अपने आचरण से सत्य, करुणा, कर्तव्यनिष्ठा और मानवता का संदेश दिया है। यदि समाज उनके आदर्शों को अपनाए तो सुख, शांति और सद्भावना का वातावरण स्थापित हो सकता है।

कथा के दौरान प्रस्तुत भक्ति गीतों एवं संगीतमयी भजनों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। राम नाम के जयकारों से पूरा कथा परिसर गुंजायमान हो उठा और श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर कथा श्रवण करते रहे।

इस अवसर पर श्रीराम कथा महोत्सव के मनोरथी कौशल्या देवी गिलड़ा, वासुदेव गिलड़ा, सर्वेश्वर गिलड़ा, गीता देवी अग्रवाल, आशीष अग्रवाल, सचिन अग्रवाल, नितिन अग्रवाल, रामनारायण चांडक, वासुजी सोनी, नीरज अग्रवाल, रामरतन भूतड़ा, नरेंद्र खटोड़ सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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