सूरत : ब्रेन डेड रमेशभाई नरोला ने चार लोगों को दी नई जिंदगी
डोनेट लाइफ के माध्यम से किडनी, लिवर और आंखों का दान; सूरत में बना ग्रीन कॉरिडोर
सूरत। शहर में एक बार फिर मानवता की मिसाल सामने आई है। डोनेट लाइफ संस्था ने सीम्स हॉस्पिटल से 53 वर्षीय रमेशभाई वल्लभभाई नरोला के अंगदान की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न कराई। ब्रेन हेमरेज के बाद ब्रेन डेड घोषित किए गए रमेशभाई ने अपने लिवर, एक किडनी और दोनों आंखें दान कर चार जरूरतमंदों को नई जिंदगी और नई रोशनी दी।
कतारगाम निवासी रमेशभाई 18 फरवरी की रात भोजन के दौरान अचानक चक्कर और बेचैनी की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाए गए। जांच में ब्लड प्रेशर अत्यधिक बढ़ा हुआ पाया गया। बाद में डॉ. नरेन्द्र गडीया की देखरेख में सिम्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां सीटी स्कैन में ब्रेन हेमरेज की पुष्टि हुई। 19 फरवरी को मेडिकल टीम ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया।
परिजनों के अनुसार रमेशभाई अक्सर अंगदान को “ईश्वरीय कार्य” बताते थे और ब्रेन डेड होने की स्थिति में अंगदान की इच्छा व्यक्त करते थे। उनकी पत्नी मधुबेन, पुत्र नेमिश और केनिल सहित पूरे परिवार ने उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए अंगदान की सहमति दी।
डोनेट लाइफ के फाउंडर पद्मश्री निलेश मांडेलवाला के मार्गदर्शन में पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई।
राज्य स्तरीय समन्वय के बाद लिवर के डी अस्पताल, अहमदाबाद भेजा गया, जहां 42 वर्षीय मरीज में सफल प्रत्यारोपण किया गया। एक किडनी स्टर्लिंग अस्पताल बड़ौदा में प्रत्यारोपित की गई। दूसरी किडनी चिकित्सीय कारणों से उपयोग में नहीं लाई जा सकी। आंखें लोक दृष्टि आई बैंक ने स्वीकार कीं।
अंगों को समय पर अहमदाबाद पहुंचाने के लिए सूरत सिटी पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर बनाया। उल्लेखनीय है कि सूरत पुलिस अब तक 142 ग्रीन कॉरिडोर बनाकर विभिन्न अंगों को देशभर में समय पर पहुंचाने में सहयोग कर चुकी है।
डोनेट लाइफ के माध्यम से अब तक 1375 अंग और टिशू दान किए जा चुके हैं, जिनमें 552 किडनी, 241 लिवर, 57 हृदय, 56 फेफड़े, 9 पैंक्रियास, 11 हाथ, 1 छोटी आंत और 448 आंखें शामिल हैं। इन दानों से देश-विदेश के 1267 लोगों को नया जीवन और दृष्टि मिल चुकी है।
टेक्सटाइल और डायमंड सिटी के रूप में प्रसिद्ध सूरत अब “ऑर्गन डोनर सिटी” के रूप में भी पहचान बना रहा है। रमेशभाई नरोला और उनके परिवार का यह निर्णय समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।
