पाकिस्तान में ५५ आतंकियों को सूली पर टागने की तैयारी


इस्लामाबाद। पाकिस्तान में फांसी की सजा पाए ५०० आतंकवादियों में से ५५ को फांसी देने की तैयारी की जा रही है। मौत की सजा पर २००८ में लगाए गए प्रतिबंध को समाप्त करने और उनकी दया याचिका रद्द होने के बाद उन्हें फांसी देने की तैयारियां चल रही हैं।

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति मनमून हुसैन ने ५५ आतंकवादियों की दया याचिका खारिज कर दी, जिससे मंत्रालय की तरफ से ब्लैक वारंट जारी करने का रास्ता साफ हो गया। वर्ष २०१२ से ही कई दया याचिकाएं लंबित हैं क्योंकि फांसी पर रोक लगे होने के कारण पूर्व राष्ट्रपति आसिफ जरदारी ने कोई कार्रवाई करने से इंकार कर दिया।

गृह मंत्री निसार अली खान ने कहा कि ५०० से ज्यादा आतंकवादियों को अदालतों ने मौत की सजा दे रखी है, उन्हें सूली पर टांगने की तैयारी है। पेशावर स्कूल नरसंहार के बाद सरकार ने मौत की सजा पर लगे प्रतिबंध को हटा लिया था। नरसंहार में १४८ लोग मारे गए थे जिनमें अधिकतर बच्चे थे। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों को लटकाए जाने के बाद देश उनकी तरफ से पेश किसी भी तरह की चुनौती को स्वीकार करने को तैयार है। पूर्व सैन्य शासक जनरल परवेज मुशर्रफ पर हमले के लिए कल चार आतंकवादियों को फांसी की सजा दी गई थी जिससे फांसी पर लटकाए जाने वाले कैदियों की संख्या छह हो गई है।