ऑस्ट्रेलिया में स्ट्रॉबरी से निकली सूई, लोग दहशत में


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सुपर मार्केट्स ने भी स्ट्रॉबेरी की बिक्री बंद की

ऑस्ट्रेलिया में स्ट्रॉबेरी मार्केट क्यों हुआ ठप ?

कल्पना कीजिये कि गर्मी आते संग आप तरह तरह की प्रजातियों के आम बाज़ार में खरीदने निकलते हैं. घर पर शांति से बैठ कर आम का पहला निवाला आप लेते ही हैं कि आपको पता चलता है इस आम में तो सुई है!

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यह कल्पित दृश्य दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में हकीकत में घटा है. दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के एक राज्य से ये खबर सभी के समक्ष आई है. ७ साल की एक बच्ची ने जब स्ट्रॉबेरी खाई तो उसमे सुई पाई गयी. लड़की के पिता ने तुरंत ही सुपरमार्केट के मेनेजर से शिकायत की. मेनेजर ने पुलिस कार्यवाही की सलाह दी. एक पश्चात एक बाकी राज्यों में भी कई मामले सामने आने लगे.

ऑस्ट्रेलिया की क्वीन्सलैंड पुलिस ने अपने सभी सोशल मीडिया व अख़बारों के जरिये लोगों से अनुरोध किया कि पिछले एक सप्ताह में खरीदी गयी स्ट्रॉबेरियों का उपयोग न करें. ऑस्ट्रेलिया के स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों से सतर्क रहने को कहा. सलाह देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के फल को अच्छी तरह काट के खाएं और ऐसी घटनाओं से बचें.

इस पूरे मामले से ऑस्ट्रेलिया की खाद्य सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं. १६० मिलियन डॉलर के इस फल बाजार को भारी नुक्सान झेलना पड़ रहा है. सरकार लोगों में फैले इस भय को मिटाने के तमाम कोशिशों में जुटी है. ऑस्ट्रेलिया से बहार जाने वाले सभी खाद्य पदार्थों पर मेटल डिटेक्टर का उपयोग किया जा रहा है.

सूत्रों का यह भी कहना है कि रूस व यु.के. ने ऑस्ट्रेलियाई खाद्य पदार्थों की आयात पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी है. मार्केट में अपनी छवि सुरक्षित रखने के लिए कई जाने-माने सुपरमार्केट्स ने हालात सुधरने तक स्ट्रॉबेरियों की बिक्री बंध कर दी है.

इस पूरे विवाद से देश की आर्थिक स्थिति पर तो असर पड़ा ही है मगर स्थानीय किसानों का भी काफी नुकसान है. स्ट्रॉबेरी ऑस्ट्रेलिया का एक प्रमुख फल है. सिर्फ क्वीन्सलैंड राज्य में ही १५० से अधिक स्ट्रॉबेरी किसान हैं. जो वर्ष भर में कुल डेढ़ लाख टन की उपज कर लेते हैं. मार्केट में मांग न होने के कारण इन्हें भी नुकसान होगा.

कुछ लोगों का यह भी कहना है कि यह किसी नाराज कर्मचारी की करतूत है. मगर अब तक इस बात पर भी कोई पुष्टि नहीं हुई है. इस विवाद को जल्द से जल्द ख़त्म करने के लिए सरकार ने दोषी पर एक लाख ऑस्ट्रलियाई डॉलर, जो भारतीय मुद्रा में ५२ लाख रुपयों से भी अधिक है, रखी है. और दोषी को १० से १५ वर्ष की जेल हो सकती है. ऐसा करने वाले सभी लोगों के लिए यह कानून चलन में लाया जाएगा.