भागने की कोशिश कर रहे सौ लड़ाकों की आईएस ने की हत्या


लंदन । आतंकी संगठन आईएसआईएस से मोहभंग होने के चलते सीरिया छोड़कर भागने की कोशिश कर रहे करीब १०० विदेशी लड़ाकों की आईएस आतंकियों ने हत्या कर दी है। यह घटना सीरिया के उत्तरी इलाके के शहर रक्का की है। सूत्रों का कहना है कि इन लड़ाकों को लगने लगा था कि संगठन का सबसे ज्यादा काम भी वही करते हैं और उन्हें ही मरना पड़ता है।

एक एक्टिविस्ट के अनुसार आईएसआईएस ने करीब १०० ऐसा लड़ाकों की पहचान की जो भागने की कोशिश में थे। इसके बाद इनकी हत्या कर दी गई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आतंकी संगठन ने एक मिलिट्री पुलिस का भी गठन किया है जो कथित तौर पर बनाए गए इस्लमिक स्टेट के आदेश का पालन न करने वालों को दंड देती है। दो महीने पहले यूरोपीय देशों के १२ लड़ाके वापस घर लौटना चाहते थे। इन लड़ाकों को आईएस आतंकियों ने कैद कर लिया। विदेशी जिहादियों का कहना है कि वे सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के शासन के बजाय स्थानीय विद्रोहियों से लड़ रहे हैं।

विदेशी लड़ाके इस बात को लेकर भी नाराज हैं कि मरने के लिए वे कई बार जंग में हिस्सा ले चुके हैं लेकिन विदेशी होने के नाते संगठन में उन्हें कम ही सुविधा मिल रही है। अधिक वेतन, आरामदायक ंिजदगी और महिला दास न मिलना नाराजगी की सबसे बड़ी वजह है। आईएस की मिलिट्री पुलिस ने ४०० लड़ाकों को भी गिरफ्तार किया है। दरअसल आईएस के नए कानून के हिसाब से आतंकियों को अब इस बात के दस्तावेज अपने साथ ही रखने होंगे कि वे लड़ाके हैं लेकिन इन ४०० लड़ाकों के नए नियमों का पालन नहीं किया।