ड्यूश बैंक गलती करने वाले 48 हजार कर्मचारियों के बदले रखेगा रोबोट


मशीनीकरण से नौकिरयों पर संकट के बादल

न्यूर्याक (ईएमएस)। दावा किया जाता है कि आने वाले वक्त में वह सभी काम रोबोट करेंगे, जो आज इंसान करते हैं। ऐसे में इंसानों की नौकरी पर खतरा मंडराएगा। लेकिन यह अभी से शुरू हो चुका है। जी हां, दुनिया का सबसे बडे़ बैंकों में शुमार ड्यूश बैंक हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की तैयारी में है। इनकी जगह रोबोट को दी जाएगी। ड्यूश बैंक के सीईओ जॉन क्रैन के अनुसार, वर्तमान कर्मचारियों के काम में बेहिसाब गलतियां हैं। इसके अलावा इनकी क्षमता भी काफी कम है। अगले तीन सालों में यह बैंक मशीन लर्निंग टेक्नोलॉजी को व्यापक स्तर पर लागू करेगा।

ड्यूश बैंक अपने प्रतिद्वंदियों से अव्वल रहने की उम्मीद में मशीनीकरण को लागू कर रहा है। बैंक के सीईओ का कहना है कि हमारी योजना कंपनी में तकनीक को ज्यादा से ज्यादा शामिल करने की है। फिलहाल हम 97 हजार लोगों को रोजगार दे रहे हैं। गौरतलब है कि साल 2015 में ड्यूश बैंक ने घोषणा की थी कि अगले पांच सालों में वह नौ हजार नौकरियों में कटौती करेगा। अब तक कंपनी ने करीब चार हजार लोगों को निकाल भी दिया है। क्रैन का कहना है कि नौकरियों में बाकी कटौती टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए की जाएंगी। हम बहुत ज्यादा मैन्युअल हैं, जो हमें अप्रभावी तो बनाता ही है, इसके चलते गलतियां भी ज्यादा होती हैं।

हालांकि, क्रैन ने किसी निश्चित नौकरी के बारे में नहीं बताया, जिस पर रोबोट के कारण खतरा आएगा। ड्यूश बैंक ने यह घोषणा उस रिपोर्ट के ठीक एक महीने बाद की है, जिसमें 70 प्रतिशत अमेरिकियों को इस बात का खतरा है कि कहीं उनकी नौकरी रोबोट न छीन ले। प्यू रिसर्च सेंटर द्वारा कराए गए सर्वे में पाया गया है कि तकनीकी परिवर्तन के प्रभाव को लेकर लोगों में चिंता है। आज जिन नौकरियों को इंसान कर रहे हैं, आने वाले वक्त में ज्यादातर नौकरियां रोबोट और कंप्यूटर करेंगे। प्यू रिसर्च सेंटर के एसोसिएट डायरेक्टर आरोन स्मिथ का कहना है कि लोगों को लगता है कि तमाम नौकरी और व्यवसायों को आने वाले वक्त में तकनीक रिप्लेस कर देगी, तो कुछ लोग यह भी सोचते हैं कि उनकी खुद की नौकरी भी उसी दिशा में जा रही है।