शक था हर्निया का परंतु जो निकला वो था चौकाने वाला


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विश्व में बढ़ते विकास के साथ-साथ कई नई बिमारियां, कई नई तकलीफें भी सामने आई हैं। कई सामान्य बीमारियां है तो कई असामान्य, कई बीमारियों का इलाज है तो कइयों का नहीं। विज्ञान ने ऐसी उपलब्धियां प्राप्त कर ली हैं तथा ऐसी ऊंचाइयां छू ली है कि ज्यादातर बिमारियों का ज्ञान मशीनों द्वारा टैस्ट करके लगाया जा सकता है। परंतु कुछ जगह मशीनों का अनुमान भी गलत लग जाता है। ऐसा हि एक किस्सा भारत के उत्तर प्रदेश में सामने आया जिसमें डॉक्टर भी नहीं पता लगा सके कि क्या है परेशानी, लगाया था गलत अनुमान परंतु ऑपरेशन के समय हुआ खुलासा।

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में रहने वाले 50 वर्षीय शरीफ अली के पेट में कभी-कभी दर्द होता था। दर्द को दूर करने वाली दवाइयों का असर भी नहीं होता था तो कभी-कभी कुछ दवाओं से दर्द में आराम भी आ जाता था। शरीफ अली को लगा की पेट में हर्निया की परेशानी के कारण दर्द होता है। जब पेट में दर्द असहनीय हो गया तो वह हरदोइ के एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए गया। दर्द के मूल कारण तक पहुंचने के लिए डॉक्टरों ने कुछ परीक्षण किए। पहले डॉक्टरों को भी लगा था कि यह हर्निया की समस्या है। परंतु ऑपरेशन के दौरान हर्निया नहीं बल्की पूरा का पूरा यूट्रस पाया गया। सर्जरी कर रहे डॉ. विनीत वर्मा की जांच में गर्भाशय के साथ फेलोपियन ट्यूब भी मिली। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने पूर्ण विकसित सामान्य आकार का गर्भाशय और फेलोपियन ट्यूब को निकाला।

फिलहाल, शरीफ की हालत सामान्य है और अस्पताल में तबीयत ठीक होने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी। डॉक्टरों ने कहा कि इस तरह के रियर केस को मेडिकल भाषा में Persistent ‘Mullerian Duct Syndrome’ कहा जाता है। इसका पहला मामला 1939 में मेडिकल जर्नल में दाखिल हुआ था। इसके पश्चात दुनिया भर में ऐसे केवल 150 मामले दर्ज हुए हैं।