समलैंगिकों के बारे में जागरूकता फैलाने बनाया कैलेंडर!


कोलकाता। नए साल के मौके पर अलग–अलग थीम वाले वैâलेंडर जारी करने का चलन है लेकिन शहर के एक फोटोग्राफर अर्चन मुखोपाध्याय ने समलैंगिक समुदाय के लिए एक विशेष वैâलेंडर तैयार किया है जिसकी इन दिनों काफी चर्चा हो रही है। ‘सिटी ऑफ लव’ नाम के इस वैâलेंडर के लिए फोटोग्राफी करने वाले अर्चन मुखोपाध्याय का कहना है कि वह इस समुदाय के बारे में लोगों में जागरूकता पैâलाकर यह बात स्पष्ट करना चाहते हैं कि पिछले साल सुप्रीम कोर्ट द्वारा समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी में बनाए रखने का पैâसला गलत है।
उन्होंने कहा कि एलजीबीटी (लोqस्बयन, गे,बाइसेक्सुअल, ट्रांसजेंडर) समुदाय के लोगों में भी अन्य लोगों की तरह ही भावनाएं एवं अनुभूति होती हैं। वे दूसरे ग्रह से आए हुए प्राणी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भारत में अभी भी समलैंगिकों के प्रति लोगों का नजरिया भेदभाव वाला है। मुखोपाध्याय ने अपने वैâमरे से जनवरी से दिसंबर तक १२ तस्वीरें उतारी हैं। इस वैâलेंडर में यूटोपियन कोलकाता को दर्शाया गया है जिसमें िंलग का भेदभाव नहीं हुआ करता था। अगस्त माह के वैâलेंडर में स्थान पाने वाले कौशिक गुप्ता जिन्होंने अपने पुरुष साथी से शादी की है, ने कहा कि उन्हें लगता है कि वैâलेंडर के माध्यम से अन्य लोगों को एलजीबीटी समुदाय के लोगों की भावनाओं को समझने में मदद मिलेगी। वकालत के पेशे से जुड़े गुप्ता ने कहा कि संविधान के मुताबिक हर नागरिक को बराबरी का अधिकार है लेकिन एलजीबीटी समुदाय के लोगों के प्यार के अधिकार को क्यों नकारा जाता है। मैं उम्मीद करता हूं कि यह वैâलेंडर उन लोगों को एक नया नजरिया देगा जो हमें असामान्य समझते हैं।