सख्त आईआईटी पेटर्न में बदलाव करने जा रही मोदी सरकार


नई दिल्ली (ईएमएस)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में दाखिले के लिए होने वाले जॉइंट एंट्रेंस टेस्ट (जेईई-एडवांस) को केंद्र सरकार आने वाले दिनों में थोड़ा आसान कर सकती है। इसकी वजह इस बार के नतीजे हैं। दरअसल, इस साल करीब 1 हजार सीटें खाली रह गई थीं,जिन्हें भरने के लिए बाद में कटऑफ में गिरावट करनी पड़ी थी। मानव संसाधन विकास मंत्रालय में सचिव (उच्च शिक्षा) आर सुब्रमण्यम ने कहा, इस साल आए परिणामों को देखते हुए हम आईआईटी काउंसिल और सभी आईआईटी से कहने वाले हैं कि वे जेईई-एडवांस के टेस्ट पेपर के डिजाइन पर फिर से चर्चा करें। हमें लगता है कि मौजूदा टेस्ट पेपर छात्रों की क्षमता के हिसाब से ठीक नहीं है। आने वाले दिनों में आईआईटी काउंसिल से मीटिंग में इस मुद्दे को उठाया जाएगा। उस मीटिंग में मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर भी शामिल होने वाले है। बता दें कि पेपर के कठिन होने का मुद्दा पहली बार नहीं उठा है। छात्रों पर प्रेशर कम करने के लिए एनडीए सरकार ने सिंगल एग्जाम फॉर्मेट लागू करने का विचार दिया था। हालांकि, उस लागू नहीं किया जा सका।