बीस साल बाद थम गया कैसिनी स्पेसक्राफ्ट का अद्भुत सफर


केप कैनवरल (ईएमएस)। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का कैसिनी स्पेसक्राफ्ट शुक्रवार को अंतरिक्ष में 20 साल के शानदार सफर के बाद शनि ग्रह के ऊपर नष्ट हो गया। शुक्रवार सुबह स्पेसक्राफ्ट से अचानक संकेत आने बंद हो गए। कैसिनी स्पेसक्राफ्ट किसी उल्का पिंड की तरह जलकर नष्ट हो गया। यह शनि की कक्षा में था। कैसिनी को 1997 में अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए भेजा गया था।

उसके नष्ट होने के करीब 83 मिनट बाद धरती पर इसकी खबर पहुंची। कैसिनी अब तक का इकलौता स्पेसक्राफ्ट था, जो शनि की कक्षा में पहुंचा था। उसने शनि ग्रह, उसके छल्ले और उसके चंद्रमाओं को नजदीक से दिखाया था। कैसिनी ने गुरुवार को शनि ग्रह की आखिरी तस्वीरें ली थी। उसने शुक्रवार सुबह शनि के वातावरण में प्रवेश किया था। कैसिनी शनि ग्रह पर 13 सालों तक मैराथन वैज्ञानिक अन्वेषण करता रहा। जिस समय स्पेसक्राफ्ट नष्ट हुआ उस वक्त उसकी स्पीड 1,22,000 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा थी।

शनि ग्रह की कक्षा में 13 साल बिताने के बाद कैसिनी का फ्यूल टैंक खत्म होना शुरू हो गया था। इसी के बाद नासा ने इसे ग्रैंड फिनाले नाम दिया था। कैसिनी स्पेसक्राफ्ट को 1997 में छोड़ गया था। 2004 में यह सौरमंडल के दूसरे सबसे बड़े ग्रह शनि पर पहुंचा था। 2005 में यह शनि के सबसे बड़े मून टाइटन पर उतरा था। धरती से कोई भी स्पेसक्राफ्ट इतनी ज्यादा दूरी नहीं तय की है। कैसिनी ने 4 लाख 53 हजार से ज्यादा तस्वीरें ली थी और इसने कुल 4.9 अरब मील का सफर किया। यह एक अंतरराष्ट्रीय अभियान था जिसमें 27 देशों ने हिस्सा लिया था। इस अभियान पर 3.9 अरब डॉलर खर्च हुए।