बच्चों का समय खराब करता है स्मार्टफोन


मैसेज, चैट और वीडियो कॉल में जाया होता है समय

नई दिल्ली (ईएमएस)। एक शोध में खुलासा हुआ है कि 14 साल की उम्र तक का एक बच्चा करीब 35 हजार मैसेज, 30 हजार वॉट्सएप मैसेज व तीन हफ्ते वीडियो कॉल में गुजार देता है। वहीं एक युवा अपने फोन को देखते हुए छह महीने का समय गुजार देता है, जो कि औसतन एक दिन में 135 मिनट होता है। यह शोध 8 से 14 साल के 1000 बच्चों के बीच किया गया था। ये बच्चे एक मैसेज के रिप्लाई के लिए 15 मिनट तक का इंतजार करते है। शोध में इस बात का भी खुलासा हुआ कि औसतन 10 साल की उम्र में एक बच्चे को स्मार्टफोन मिल जाता है।

वहीं 14 साल से कम उम्र के बच्चों में से 10 से 6 का मानना है कि सबसे पहले सुबह उठकर वह अपने स्मार्टफोन को देखते हैं और सोते हुए आखिरी में भी वह अपने स्मार्टफोन को देखते हैं। 40 प्रतिशत बच्चों का कहना है कि अगर उन्हें एक दिन स्मार्टफोन न मिले तो वे अकेला महसूस करते हैं। उनका कहना था कि सबसे अच्छी बात उन्हें स्मार्टफोन की यह लगती है कि वे इसके द्वारा अपने परिवार, दोस्तों और जानने वालों के संपर्क में रहते हैं। 10 में से 4 बच्चों का मानना है कि वे दिन में बहुत ज्यादा समय स्मार्टफोन को देते हैं। कुछ माता पिता का मानना है कि उनके बच्चे बहुत ज्यादा समय स्मार्टफोन पर गुजारते हैं, वहीं एक तिहाई का कहना है कि उन्होंने स्मार्टफोन के यूज के लिए बच्चों को एक निश्चित समय दिया हुआ है।