कुछ वक्त बाद धरती पर नहीं बचेंगे टर्टल


धरती का बढ़ता तापमान बनेगा वजह

सिडनी (ईएमएस)। दुनिया के सबसे खास जीवों में से एक टर्टल (पंडुक) पर वैश्विक तापमान में हो रहे इजाफे का घातक असर पड़ रहा है। इसके कारण सभी नर जीव एक-एक करके मादा जीव में बदलते जा रहे हैं। लिहाजा आने वाले समय में धरती पर एक भी मेल टर्टल नहीं बचने का खतरा मंडरा रहा है। बता दें कि हरे सागर में रहने वाले टर्टल (ग्रीन सी टर्टल) में नर और मादा के जीन्स उनके होने वाले बच्चों का लिंग तय नहीं करते। इन टर्टल के अंडों के बाहर मौजूद तापमान उनके होने वाले बच्चों का लिंग तय करता है कि वो नर होंगे या मादा। यह खुलासा करंट बायोलॉजी नाम की पत्रिका में छपी एक रिपोर्ट से हुआ है।
इस रिपोर्ट के मुताबिक तापमान बढ़ने का असर पहले से ही टर्टल में देखा जाने लगा है और मौजूदा समय में लगभग सारे युवा ग्रीन सी टर्टल फीमेल यानी मादा हो चुके हैं। एक जीव वैज्ञानिक ने इस रिपोर्ट के आधार पर कहा है कि कुछ दशकों में या फिर एक शताब्दी के भीतर ही इन जीवों की नर आबादी खत्म हो जाएगी। बता दें कि टर्टल के अंडों से मिली-जुली मात्रा में नर और मादा जन्म लेते हैं। बच्चे के जन्म के लिए इन अंडों को 29.3 डिग्री तापमान चाहिए। अगर तापमान इससे ज्यादा होता है तो सिर्फ फीमेल जीव पैदा होते हैं और तापमान 29.3 डिग्री से थोड़ा भी कम होता है तो मेल जीव जन्म लेते हैं। बता दें कि भूमध्य रेखा के करीब ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी तट पर सबसे ज्यादा टर्टल अंडे देते हैं। इन तटों पर करीब दो लाख टर्टल अंडे देते हैं। यह ग्रीन सी टर्टल के जन्म लेने के लिहाज से दुनिया के सबसे बड़े इलाकों में से एक है।