एमओएम ने मंगल के आर्बिट पर 100 दिन किए पूरे


चैन्नई। एक जनवरी को जब पूरी दुनिया नये वर्ष के शुरूआत का स्वागत कर रही होगी। तभी भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी के वैज्ञानिक लाल ग्रह के आर्बिट में भेजे गये मार्स आर्बिटर मिशन के १०० दिन पूरे होने की खुशियां मनाएंगे। एमओएम का जीवन काल १८० दिन बताया गया था लेकिन यह १५ सालों तक मंगल ग्रह में अध्ययन जारी रख सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि मंगल की यात्रा के दौरान अंतरिक्ष यान में काफी र्इंधन की बचत हुई थी। अभी भी यान में ३७ किलोग्राम र्इंधन है। आर्बिट में एमओएम के एक वर्ष तक रहने के लिए केवल दो किलो र्इंधन लगेगा। एमओएम के लंबी अवधि तक बने रहने के लिए १५ साल से अधिक समय में परीक्षण किए जाने वाले इलेक्ट्रानिक सिस्टम की बड़ी भूमिका होगी क्योंकि ये सौर ज्वाला एवं अंतरिक्ष की अप्रत्याशित घटनाओं से नष्ट हो सकते हैं। एमओएम के प्रोजेक्ट निदेशक एस अरूणन ने बताया कि हम एमओएम के आर्बिट में १०० दिन पूरा करने पर अत्यधिक उत्साहित हैं। इसरो के अध्यक्ष एस राधाकृष्णन के मुताबिक वैज्ञानिक जून का इंतजार कर रहे थे लेकिन अतीत अच्छा रहा। मध्य मार्च में एमओएम ऐसे चरण में होगा जब पृथ्वी से कोई संचार नहीं होगा।