मोदी का एलान, येदियुरप्पा ही होंगे मुख्यमंत्री!


– कर्नाटक में कांग्रेस का काउन्डाउन शुरु
– कांग्रेस कल्चर की अब देश को जरूरत नहीं
नई दिल्ली (ईएमएस)। कर्नाटक में भाजपा की 90 दिनों की यात्रा की समाप्ति के मौके पर बेंगलुरू में एक रैली को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भाजपा की तरफ से मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर येदियुरप्पा के नाम का ऐलान किया है। छुट्टी के दिन रविवार को हुई रैली में पीएम मोदी ने कांग्रेस पर एक साथ कई हमले किए और राज्य सरकार को विकास के मोर्चे पर कटघरे में खड़ा कर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं पहले भी आया हूं, लेकिन जिस तरह की भीड़ इस बार की रैली में देखने को मिली ऐसा दृश्य कभी नहीं मिला। उन्होंने कहा कि अब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के जाने का काउंटडाउन शुरू हो गया है।
मोदी ने कहा कि इस रैली का माहौल बता रहा है कि हवा का क्या रूख है। उन्होंने कहा कि लोगों ने ठान लिया है कि कर्नाटक से कांग्रेस को मुक्त करके रहेंगे। पीएम ने कहा कि कांग्रेस कल्चर की अब देश को जरूरत नहीं है। पीएम ने कहा कि हमारी सरकार ने गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों का जीना आसान बनाया है। कर्नाटक में भी अगर बीजेपी की सरकार होती तो ज्यादा फायदा होगा। पीएम ने कहा कि हमारी सरकार ने कर्नाटक को 2 लाख करोड़ रुपये दिए हैं। कुछ लोग देश हित की जगह अपने हित की चिंता करते हैं। उज्ज्वला योजना में कर्नाटक में साढ़े आठ लाख महिलाओं को गैस कनेक्शन दिए गए। कांग्रस के समय में कर्नाटक को 70 हजार करोड़ रुपये मिलते थे। पीएम मोदी ने कर्नाटक सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि केन्द्र से ज्यादा पैसा मिलने के बाद भी राज्य में विकास नहीं हुआ। बेंगलुरू में रेल नेटवर्क से यहां के लोगों को जाम से छुटकारा मिलेगा। बेंगलुरू शहर में रेल नेटवर्क के लिए 17 हज़ार करोड़ रूपये दिए। उड़ान योजना के तहत हम छोटे शहरों को विमान सेवा से जोड़ रहे हैं। हमारी सरकार में किसानो को यूरिया के लिए परेशान नहीं होना पड़ता है।
गौरतलब है कि मोदी एक नवंबर को शुरू हुई इस तीन माह की यात्रा के संपन्न होने पर आयोजित रैली को 28 जनवरी को ही संबोधित करने वाले थे। लेकिन उनके व्यस्त रहने की वजह से रैली चार फरवरी के लिए टाल दी गई थी। आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए, भाजपा ने इस यात्रा का आयोजन किया था और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने इस यात्रा को हरी झंडी दिखाई थी। इसमें पार्टी कार्यकर्ताओं ने राज्य इकाई प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा के नेतृत्व में राज्य के 224 विधानसभा क्षेत्रों की यात्रा की। यहां इस वर्ष अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

– पीएम के भाषण की खास बातें
-बिजली पहुंचने से घर में सिर्फ रोशनी नहीं होगी, लोगों का जीवन भी रोशन होगा.
-1.16 करोड़ लोगों के खाते खोले गये कर्नाटक में प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत
-1 करोड़ से ज्यादा लोगों के लोन स्वीकृत हुए युवाओं के लिए
– 8.5 लाख महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन मिला उज्ज्वला योजना के तहत कर्नाटक में
-34 लाख से ज्यादा शौचालय बनवाये गये
-9 लाख बच्चों और 1.5 लाख से अधिक महिलाओं का मिशन इंद्रधनुष के तहत टीकाकरण किया गया
-01 करोड़ से अधिक लोगों को सरकारी बीमा योजनाओं से जोड़ा गया
-7 लाख घरों में सौभाग्य योजना के तहत मुफ्त में बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जायेगा

– पीएम के आरोप पर कांग्रेस-भाजपा में जुबानी जंग
पीएम मोदी की रैली से पहले राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के बीच एक जुबानी जंग छिड़ गई है। भाजपा प्रमुख अमित शाह ने दावा किया कि केंद्र ने कर्नाटक को विभिन्न योजनाओं के तहत तीन लाख करोड़ रुपया से अधिक दिया है। कांग्रेस के प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष दिनेश गुंडु राव और कर्नाटक के कृषि मंत्री कृष्ण बैरेगौड़ा ने अमित शाह की टिप्पणी को झूठ बताया। राव ने कहा कि भाजपा ऐसे कह रही है, जैसे कि इसने राज्य को तोहफे में धन दिया है, जबकि हकीकत में सभी राज्य संवैधानिक रूप से इसके हकदार हैं। बैरेगौड़ा ने कहा कि कर्नाटक के लोगों ने उस तरीके को देखा है जिसके तहत भाजपा सरकार ने 2009 से 2013 के दौरान राज्य को लूटा। उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि प्रधानमंत्री हमें तीन लाख करोड़ रूपया नहीं देंगे …लेकिन कम से कम आप अनुदान में कम रही राशि ही कर्नाटक को जारी कर दीजिए।

– पीएम की रैली से पहले कॉलेज छात्रों ने बेचे पकौड़े
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार बेंगलुरु में भाजपा की एक रैली से पहले यहां स्‍नातक छात्र पकौड़ा बेचते हुए नजर आए। बता दें प्रधानमंत्री ने एक साक्षात्‍कार में रोजगार के समाधान के संदर्भ में कहा था कि पकौड़े बेचना भी तो रोजगार है। इसके बाद उनके इस वक्‍तव्‍य की बड़े पैमाने पर बेरोजगारों ने निंदा की थी और रविवार को पीएम की रैली से पहले कॉलेज छात्रों ने पकौड़े बेचकर अपना विरोध दर्ज कराया है। बेंगलुरू को आईटी का हब कहा जाता है, ऐसे में छात्रों के इस तरह के विरोध को गम्‍भीरता से लिया जा रहा है।