भारत-पाकः नहीं बदली गई ईद की मिठाई!


रिश्तों में आई कड़ावहट

जम्मू (ईएमएस)। पाकिस्तान की तरफ से ईद के दिन भी सीजफायर का उल्लंघन लगातार जारी है। इसी वजह से अटारी-वाघा बॉर्डर पर, ईद के मौके पर हर साल पाकिस्तानी सैनिकों के साथ निभाई जाने वाली मिठाई की अदला-बदली की रस्म नहीं हुई। भारत की तरफ से हर साल पाकिस्तान को मिठाई देकर ईद की बधाई दी जाती है। बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के जवान पाक के जवानों को मिठाई खिलाकर उनके साथ ईद की खुशिया बांटते थे लेकिन पाकिस्तान की ओर से लगातार हो रहे सीजफायर उल्लंघन की वजह से इस बार मिठाई का आदान-प्रदान नहीं किया गया। पिछले कुछ वक्त से पाकिस्तान सीमा पर लगातार गोलीबारी कर रहा है, जिसकी वजह से दोनों देशों के बीच कड़वाहट फैली है। शनिवार (ईद) को पाकिस्तान की तरफ से सीजफायर का उल्लंघन किया गया, जिसमें बीएसएफ के 21 वर्षीय जवान विकास गुरुगंग शहीद हो गए। विकास गुरुगंग मणिपुर के रहने वाले थे। भारतीय सेना के एक अधिकारी ने कहा,ईद के मौके पर पाकिस्तान की ओर से होने वाली गोलीबारी अनैतिक और अनप्रोफेशनल है। अधिकारी ने आगे कहा कि पाकिस्तानी की हरकत से सेना के जवानों में गुस्सा है लेकिन इसके बावजूद वे संयम का परिचय दे रहे हैं।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर में सीजफायर उल्लंघन के अलावा हाल ही में कई घटनाएं हुई हैं, जिसकी वजह से दोनों देशों के बीच कड़वाहट फैली है। पुलवामा में आतंकियों ने छुट्टी पर जा रहे जवान को अगवा कर उसकी हत्या कर दी, इसके साथ ही श्रीनगर में वरिष्ठ पत्रकार और अखबार के संपादक शुजात बुखारी की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई। दूसरी तरफ सेना के जवानों पर आए दिन हो रही पत्थरबाजी से भी दोनों देशों के बीच माहौल तनावपूर्ण है। इससे पहले मंगलवार को पाकिस्तान की सेना द्वारा किए गए सीजफायर उल्लंघन में सांबा जिले के रामगढ़ सेक्टर में असिस्टेंट कमाण्डेंट सहित बीएसएफ के चार जवान शहीद हो गए थे। बता दें कि ईद से पहले बीएसएफ ने 69वें गणतंत्र दिवस के मौके पर भी अटारी-वाघा बॉर्डर पर पाकिस्तानी सैनिकों को मिठाई नहीं दी थी। जम्मू-कश्मीर में सीजफायर की मियाद को बढ़ाने को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह रविवार को कोई बड़ा ऐलान कर सकते हैं। उन्होंने ईद को मौके पर बधाई देने के साथ ही कहा कि जम्मू-कश्मीर में हो रही हिंसा पर वो कुछ नहीं कहूंगा। सूत्रों के मुताबिक भारत सरकार इस हालात को देखकर इस नतीजे पर पहुंची है कि युद्धविराम के फैसले को जारी रखने का फिलहाल कोई औचित्य नहीं है।