झारखंड में भाजपा, जम्मू में साझा सरकार


० झारखंड में भाजपा सरकार बनना तय
० जम्मू कश्मीर में पीडीपी और भाजपा की साझा सरकार के आसार
० मोदी का जादू बरकरार

नईदिल्ली। जम्मू कश्मीर तथा झारखंड विधानसभा चुनाव परिणामों का रुझान प्राप्त हो गया है। जम्मू कश्मीर की ८७ विधानसभा सीटों पर भाजपा को २५, पीडीपी को ३०, कांग्रेस को ११, एनसीपी को १५ तथा अन्य ६ सीटों पर आगे चल रहे हैं।

झारखंड विधानसभा चुनाव की ८१ सीटों के परिणामों में भाजपा को ४०, कांग्रेस को ८, झारखंड मुक्ति मोर्चा को १८, जेवीएम को ७, तथा अन्य ८ सीटों पर बढ़त मिली हुई है।

झारखंड में भाजपा की सरकार बनना तय है। वहीं जम्मू कश्मीर में त्रिशंकूं विधानसभा बनी है। जानकारों की मानें तो जम्मू कश्मीर में भाजपा और पीडीपी मिलकर सरकार बना सकती थी। पिछले एक सप्ताह से विश्व हिन्दू परिषद ने धर्मान्तरण के मुद्दे पर जो बवाल मचा हुआ है। उसके बाद पीडीपी भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाने को अनिश्चिय की स्थिति में है।

जम्मू कश्मीर में नेशनल कांफ्रेंस को १७ कांग्रेस को १६ तथा अन्य को ७ सीटों मिली हैं। कुल ४० सीटें होने के कारण इनकी सरकार भी बनना मुश्किल है। भाजपा और नेशनल कांफ्रेंस भी मिलकर सरकार बनाना चाहें तो ४० सीटें होती हैं। यदि इन्हें अन्य का समर्थन मिल जाता है तो जरूर गठबंधन की सरकार बन सकती है। पीडीपी और भाजपा सरकार बनाएं तो स्थिर सरकार बनना मुश्किल नहीं हैं। धर्मान्तरण के मुद्दे पर कश्मीर घाटी के क्षेत्रीय दलों नेशनल कांफ्रेंस तथा पीडीपी को भाजपा के साथ मिलकर साझा सरकार बनाने को लेकर उहापोह की स्थिति बन गई है।

दोनों राज्यों के चुनाव परिणाम के रुझान से भाजपा को आशातीत सफलता मिली है। जम्मू कश्मीर तथा झारखंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह बाप बेटों के खिलाफ मुहिम चलाकर सत्ता तक पहुंचने का जो प्रयास किया था। उसमें उन्हें आंशिक सफलता मिली है। इन चुनाव में कांग्रेस को झारखंड में तगड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। भाजपा को लोकसभा चुनाव की तर्ज पर विधानसभा चुनावों में वह सफलता नहीं मिली जिसकी आशा की जा रही थी। बहरहाल, मोदी की जादू अभी चल रहा है।

झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए मतदान पांच चरणों में २० दिसंबर को संपन्न हुआ।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दुमका और बरहैत, दो विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ा था। १११ महिलाओं सहित ११३६ उम्मीदवारों के भाग्य का पैâसला आज हो गया है. इन ८१ सीटों में से सर्वाधिक २९ उम्मीदवार हटिया सीट से हैं, जहां मतदान तीसरे चरण के तहत हुआ था, जबकि सबसे कम सात उम्मीदवार चतरा से मैदान में थे। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व वाले झारखंड विकास मोर्चा ने ७२ उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। मरांडी खुद धनवर और गिरिडीह सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा ने आल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) और लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के साथ मिलकर चुनाव लड़ा है। उसने ७२ उम्मीदवार उतारे थे। जो ९ सीटों पर बढ़त मिली है। इन्हें ४० सीटों पर बढ़त मिली है। कांग्रेस ने ६० सीटों पर उसके गठबंधन सहयोगी राजद ने १९ उम्मीदवार मैदान में उतारे थे। इसमें केवल ५ सीटों पर बढ़त मिली है। वाम दलों में माकपा और भाकपा ने क्रमश: २४ और १३ उम्मीदवार उतारे थे। किन्तु इन्हें कोई सफलता मिलती नहीं दिख रही है।

० कश्मीर में लोकतंत्र की जीत

जम्मू कश्मीर और झारखंड के चुनावी नतीजे आ रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में माना जा सकता है कि वहां पर हारे कोई भी, पर लोकतंत्र की जीत हुई। वहां पर लोगों ने बड़े उत्साह से वोिंटग में भाग लिया। इस चुनाव में घटी और जम्मू कशमीर के मतदाताओं ने बड़े उत्साह से भाग लेकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेकर लोकतंत्र की जीत कराई है। मतदाताओं के इस रुख से उग्रवादियों तथा आतंकी संगठनों का तगड़ा झटका लगा है।