कर्नाटक में गुजरात की राह पर भाजपा


-वोट के लिए ध्रुवीकरण की तैयारी
-अमित शाह ने राज्य सरकार को हिंदू विरोधी बताया, तो सिद्धारमैया ने किया पलटवार
-उनके बयान को भुनाने में जुटी भाजपा, सिद्धारमैया के खिलाफ पार्टी का जेल भरो आंदोलन

बेंगलुरु (ईएमएस)। कर्नाटक में विधानसभा चुनाव की गहमा-गहमी प्रारंभ हो गई है। भाजपा ने संकेत दे दिए हैं कि वह चुनाव जीतने के लिए समाज का उसी तरह धर्म के आधार पर ध्रुवीकरण करेगी, जिस तरह से गुजरात में किया था। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भाजपा को कट्टरपंथी कहा, जिसके बाद पार्टी भड़क भड़क गई है। पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस पहले भी हिंदू आतंकवाद की बात करती रही है और इस बार सिद्धारमैया ने इस परंपरा को ही आगे बढ़ाया है। दिल्ली में संबित पात्रा बोले जो इसकी गूंज बेंगलुरु में सुनी गई। भाजपा की राज्य इकाई आज से राज्यभर में सिद्धारमैया के खिलाफ जेल भरो आंदोलन प्रारंभ करेगी। इससे साफ है कि भाजपा इस मुद्दे का उछालकर चुनाव जीतना चाहती है। बता दें कि सिद्धारमैया ने भाजपा, संघ और बजरंग दल में अतिवादी और कट्टरपंथी तत्व भरे होने का आरोप लगाया है। उन्होंने बिना नाम लिए अमित शाह को निशाने पर लेते हुए कहा कि जो भी कर्नाटक की शांति में खलल डालेगा, उसे हमारी सरकार नहीं छोड़ेगी। हम ऐसा करने वाले किसी को भी बर्दाश्त नहीं करेंगे, फिर चाहे वह बजरंग दल का हो या फिर संघ का। दूसरी तरफ कर्नाटक के कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश गुंडू राव ने कहा कि कर्नाटक में राजनीतिक संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और एसडीपीआई व बजरंग दल जैसे संगठनों को बैन करना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन वह यह काम नहीं करना चाहती। उन्होंने कहा कि बजरंग दल तो भाजपा का सहयोगी है। अत: केंद्र सरकार उस पर कभी पाबंदी नहीं लगा सकती। भाजपा इन्हीं बयानों को लेकर आक्रामक हो उठी है, जबकि सिद्धारमैया का बयान अमित शाह के बयान के जवाब के रुप में सामने आया था। बता दें कि बुधवार को अमित शाह ने चित्रादुर्गा में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि मैं मुख्यमंत्री के उस सवाल का जवाब देने आया हूं, जिसमें उन्होंने पूछा था कि केंद्र सरकार ने कर्नाटक के लिए क्या किया? शाह ने कहा था कि यूपीए सरकार ने 13वें वित्त आयोग के मुताबिक कर्नाटक को 88 हजार 583 करोड़ रुपए दिए थे, जबकि हमारी सरकार ने 14वें वित्त आयोग के मुताबिक कर्नाटक को दो लाख 19 हजार करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। शाह ने कहा था कि केंद्र द्वारा दिए गए रुपयों का कर्नाटक सरकार ने क्या किया? क्या इन रुपयों का उपयोग गांवों में हुआ? अपने गांव में किसी कांग्रेस कार्यकर्ता के घर को देखिए, पांच साल पहले उनके घर में कुछ नहीं था, लेकिन आज चार मंजिला घर बना हुआ है। उनके घर के सामने महंगी गाड़ियां खड़ी हुई हैं। इसके साथ ही अमित शाह ने यह आरोप भी लगाया था कि कर्नाटक सरकार वोट बैंक की राजनीति कर रही है। वह हिंदुत्व विरोधी सरकार है। उसने एसडीपीआई के खिलाफ सभी केसों को खत्म कर दिया, जो भारत विरोधी संगठन है। इसी के जवाब में सिद्धारमैया ने संघ, बजरंग दल और भाजपा को कट्टरपंथी बताया। भाजपा अब उनके इसी आरोप के सहारे ध्रुवीकरण में जुट गई है।