उग्रवादियों के खिलाफ ऑपरेशन ‘ऑल आउट’ शुरू


० राजनाथ से मिले सेना प्रमुख, ९००० जवानों ने संभाला मोर्चा
० असम हिंसा मामला
नई दिल्ली। असम में बोडो उग्रवादियों से निपटने के लिए अब सेना ने मोर्चा संभाल लिया है। आदिवासियों के सामूहिक नरसंहार के बाद शुक्रवार को सेना ने असम राइफल्स, अर्धसैनिक बल और असम पुलिस के साथ मिलकर बोडो उग्रवादियों के खिलाफ ऑपरेशन ‘ऑल आउट’ शुरू कर दिया। सेना प्रमुख जनरल दलबीर िंसह सुहाग और गृह मंत्री राजनाथ िंसह से मुलाकात के बाद यह ऑपरेशन शुरू हुआ। सेना की अगुवाई में करीब ९ हजार जवान असम के िंहसाग्रस्त सोनितपुर जिले में इस काम के लिए पहुंच चुके हैं। इस ऑपरेशन की शुरुआत पुâलबरी से की गई है।
सुरक्षा बलों के निशाने पर ७४ बोडो उग्रवादी हैं जिन्होंने आदिवासियों की हत्या की थी. इस ऑपरेशन की जानकारी म्यांमार और चीन को भी दी गई है।
असम में १२ घंटे का बंद
बोडो उग्रवादियों के बर्बर कृत्य के खिलाफ विभिन्न संगठनों ने शुक्रवार को १२ घंटे का असम बंद बुलाया है. ये संगठन हैं, आदिवासी नेशनल काउंसिल, ऑल आदिवासी स्टूडेंस्ट एसोसिएशन, ऑल असम टी स्टूडेंट्स असोसिएशन, एबीएसयू सोनिपुर यूनिट और ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन बंद समर्थकों ने सिलीघाट-गुवाहाटी एक्सप्रेस रेलवे लाइन को अवरुद्ध कर दिया। वहीं एक ट्रक को भी आग लगा दी गई।
गौरतलब है कि २३ दिसंबर को बोडो उग्रवादियों ने असम के सुदूर गांवों में बेकसूर आदिवासियों पर हमले करके ७५ से ज्यादा लोगों की जान ले ली थी। मरने वालों में महिलाओं और बच्चों की संख्या ज्यादा थी। सेना ने ऑपरेशन में हेलिकॉप्टर भी शामिल किए हैं, ताकि उग्रवादी म्यांमार और बांग्लादेश न भाग सवेंâ। ऑपरेशन के लिए अद्र्धसैनिक बल के ५००० जवान और असम राइफल्स की तीन यूनिट बुलाई गई। इस दौरान असम पुलिस आम नागरिकों की सुरक्षा का काम ही करेगी। सेना प्रमुख दलबीर िंसह सुहाग शुक्रवार को गृह मंत्री से मिले और उन्हें ऑपरेशन की जानकारी दी। इस बैठक के बाद सेना प्रमुख ने सिर्पâ इतना कहा कि बैठक असम में सुरक्षा के मसले पर थी. हम वहां अपना ऑपरेशन तेज करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं इससे ज्यादा नहीं बता सकता।