यह कैसी अभिव्यक्ति की आजादी?


खतौली से भाजपा विधायक विक्रम सैनी ने हाल ही मे एक विवादास्पद बयान दिया।
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खतौली से भाजपा विधायक विक्रम सैनी ने हाल ही मे एक विवादास्पद बयान दिया कि “प्रधानमंत्री मोदी का विदेशों में डंका बज रहा है। लोग भारत माता और वंदेमातरम् का जयघोष कर रहे हैं, लेकिन कुछ देशद्रोही और गद्दारों को यहां खतरा महसूस होता है। ऐसे लोग देश छोड़ दें। देश से बाहर जाने की टिकट का खर्चा मैं दूंगा।” उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्हें गृह मंत्रालय सौंप दिया जाए तो वे इन गद्दारों को बम से उड़ा देंगे।

जब उनसे प्रतिप्रश्न किया गया तो उन्होंने फिर से यही बात दोहराई कि ऐसे लोगो को जिन्हें डर लग रहा है उन्हें बम से उड़ा देना चाहिए । हालांकि उन्होंने इसे अपनी व्यक्तिगत राय बताई लेकिन जनप्रतिनिधि की राय को कभी भी जनता व्यक्तिगत नही मानती।

वैसे उत्तरप्रदेश में यह नई बात नही है। यहां के भाजपा विधायक तथा मंत्री गाहेबगाहे विवादित बयान देते आये है। पिछले महीने यह लोग हनुमानजी की जाति और धर्म का विश्लेषण करने में लगे थे। कोई उन्हें दलित , कोई जाट, कोई ब्राह्मण तो कोई मुसलमान भी बता रहा था। लेकिन एक बार भी भाजपा के किसी बड़े नेता का यह बयान नही आया कि यह गलत है। किसी ने उन्हें टोकना भी मुनासिब नही समझा।
जहाँ एक तरफ लोग मोदी के बाद योगी का नारा देते है वहां उन्ही के सूबे में उनके ही लोग अनुशासन में नही है। उनके ही मंत्री राजभर उन्हें ड्रामेबाज बताने में भी कोई संकोच नही करते। पिछली सरकारों से अगर तुलना करें तो गुनाह दर में कमी तो हुई है पर पुलिसकर्मियों को ही सरेआम शिकार बनाने की घटनाएं भी हुई है।

देशद्रोहीयो को बम से उड़ाने की बात बिल्कुल जायज है पर पहले देशद्रोह का निर्धारण तो करले कि कौन देशद्रोही है। पर जिनको डर लग रहा है उनका भी वही हश्र करना कहाँ तक वाजिब है?

विक्रम सैनी ने यह भी कहा कि “पिछली सरकारों में हमारे सैनिकों को एक-एक गोली का हिसाब देना पड़ता था। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने सैनिकों को मुंहतोड़ जवाब देने की छूट दे रखी है। प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस को बदमाशों को मारने की छूट दे रखी है।”

यह कहते हुए वो बुलंदशहर ओर गाजीपुर की घटनाओं को भूल जाते है , जहाँ पर बदमाशों ने पुलिसकर्मियों की निर्मम हत्या की थी।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजबब्बर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी कहते हैं कि ठोक दो, विधायक कहते हैं कि लोगों को बम से उड़ा दो। ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए और सजा देना चाहिए। ये लोग आतंकवादियों की तरह बोल रहे हैं।
हमारे संविधान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रदान की हुई है परन्तु उस स्वतन्त्रता का इतना दुरुपयोग होगा यह संविधान निर्माताओं को पता नही था। आजकल तो नेता, जनता सभी इसके तहत मनमर्जी का बोल रहे है। पर समय रहते इन सब चीजों पर लगाम जरूरी है। भारत की छवि विश्वपटल पर बढ़िया बनाने के लिए जरूरी भी है।

सर्व आश्रयदात्री भारत माता की जय।