अनसुलझी पहेली : कपड़ा मार्केट की चोरी


हाल में सूरत में सर्वाधिक जिस विषय की चर्चा हो रही है वो कपड़ा बाजार की चोरी।
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हाल में सूरत में सर्वाधिक जिस विषय की चर्चा हो रही है वो कपड़ा बाजार की चोरी। सूरत के बड़े मार्केट राधाकृष्णा टेक्सटाइल मार्केट में सुरक्षा कर्मचारियों तथा प्रबंधन की मिलीभगत से चोरों ने बड़ा हाथ साफ किया। वैसे जिस तरह सफाई से यह वारदात हुई है उस हिसाब से इसका पता चलना नामुमकिन था। लेकिन एक बाहोश व्यापारी की सूझबूझ ने यह पता लगा लिया। उसकी दुकान से माल जा रहा था यह उसको केवल शक ही हुआ था और उसने माल की फोटो खींचनी प्रारम्भ कर दी। सोमवार जो जब उसे माल कम लगा तो आजूबाजू के सीसीटीवी खंगालने पर पता चला कि पूरी टोली ही चोरी में संलिप्त है। टेक्सटाइल युवा ब्रिगेड के सदस्यों से संपर्क किया गया। पुलिस की मदद ली गई। ओर बहुत बड़ा गड़बड़ घोटाला सामने आया। व्यापारियों को यह व्यथित करने के लिए काफी था। धीरे धीरे सबने अपना स्टॉक तथा कैमरे चेक किये तो लगभग हर दुकान से चोरी होने का खुलासा हुआ।

जब व्यापारियों को इस बात का पता चला तो वो आक्रोशित हो गए। क्योकि उनकी मेहनत की गाढ़ी कमाई को चोर लूट ले गए थे और जिनके भरोशे वो दुकान छोड़ते थे वो ही चोरों के शागिर्द निकले। तब उन्होंने न्याय के लिए गुहार की लेकिन चार दिन बीतने के बाद भी कोई संतुष्टिजनक कदम प्रशासन द्वारा नही उठाया गया। यहां तक कि व्यापारियों ने जिसे शकमन्द बताया था वो व्यक्ति भी अभी तक खुला घूम कर मानो चेलेंज दे रहा हो कि देखो मेरा कुछ भी नही बिगड़ने वाला।

इस सब से आक्रोशित व्यापारियों ने मार्केट को अभी तक खुलने नही दिया है क्योकि उनकी व्यथा के सामने की गई कार्यवाही नाममात्र भी नही थी। सिर्फ आश्वासनों के अलावा अभी तक कोई ठोस कार्यवाही नही हुई, हालांकि कानून की अपनी प्रक्रिया होती है पर प्रशासन द्वारा खानापूर्ति के लिए भी कार्यवाही यह कहकर नही की गई कि हम लॉ एंड ऑर्डर मेंटेन कर रहे है इसलिए जांच की गति धीमी है।

लेकिन उस धीमी गति ने आक्रोशित व्यापारियों ने फेडरेशन ऑफ सूरत टेक्सटाइल ट्रेडर्स असोसिएशन जो कि कपड़ा व्यापारियों की अग्रणी संस्था है, को इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया लेकिन सिर्फ चार पांच लोगों द्वारा संचालित संस्था कोई ठोस कदम नही उठा पाई और सिर्फ पुलिस कमिश्नर के पास व्यापारी प्रतिनिधियों को ले जाकर वहां से आश्वासन दिलवा लाई। लेकिन वो आश्वासन ठोस थे, पुलिस आयुक्त ने चार मांगो को तुरन्त मान लिया परन्तु कार्यवाही उनके निचले स्तर के अधिकारी ही करेंगे, लेकिन वो कब करेंगे इसमे अभी भी संसय है, अतः इस चोरी की पहेली अभी भी अनसुलझी ही है।

सर्व आश्रयदात्री भारत माता की जय।