समय चला 17वी लोकसभा की और


16वीं लोकसभा की बुधवार को आखिरी बैठक थी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आखिरी दिन सदन को सम्बोधित किया।
Photo/Loktej

16वीं लोकसभा की बुधवार को आखिरी बैठक थी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आखिरी दिन सदन को सम्बोधित किया। उनसे पहले भी कुछ नेताओं ने सम्बोधित किया था लेकिन चर्चा केवल प्रधानमंत्री तथा मुलायम सिंह की ही रही। और सबसे ज्यादा जो लाइन चर्चा में रही वो प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा राहुल गांधी पर कसा गया तंज कि हम सुनते थे कि सदन में भूकंप आएगा। 5 साल हो रहे हैं, संसद में भूकंप तो नहीं आया, हाँ आंखों की गुस्ताखियां देखने को जरूर मिलीं। मोदी ने यह भी कहा कि इस सदन में मुझे गले लगने और गले पड़ने का अंतर पता चला।
एक मंझे हुए राजनेता की तरह दिया गया उद्बोधन देश की जनता तथा नेताओ को खुश करने में पूर्णतया सक्षम था, सिवाय राहुल गांधी के समर्थकों के। जो प्रधानमंत्री विपक्ष द्वारा काम न करने देने का आरोप लगाकर देशव्यापी उपवास करवाते थे उन्होंने सत्रावसान के समय कहा कि अगर 5 साल के ब्योरे को देखें तो विपक्ष ने इसकी ताकत को बढ़ाने का काम किया। सदन के सभी साथियों का इसमें गौरवपूर्ण योगदान है। उन्होंने विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की भी तारीफ कर डाली, उन्होंने उनकी सदन में रोजाना उपस्थिति को सराहा।
मोदी ने कहा कि 16वीं लोकसभा पर इस बात के लिए भी गर्व करेंगे कि देश में इतने चुनाव हुए, उसमें पहली बार महिला सांसदों की भागीदारी बढ़ी। 44 महिला सांसद पहली बार आईं। सभी महिलाओं ने सदन में अपनी मौजूदगी पर्याप्त रूप से दर्ज करवाई। पहली बार स्पीकर महिला हैं, रजिस्ट्रार जनरल और सिक्युरिटी जनरल भी महिला के तौर पर यहां मौजूद हैं। हमारी रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री भी महिला हैं। इसके साथ ही उन्होंने एक महिला सांसद पर तंज भी कसा। उन्होंने रेणुका चौधरी पर इशारा करते हुए कहा कि एक दिन भाषण दे रहा था राष्ट्रपतिजी के ऊपर तो सदन में अट्टहास सुनने को मिला। एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री वालों को इसकी जरूरत है, तो उन्हें यू-ट्यूब से उन्हें इतने हिस्से के इस्तेमाल की मंजूरी दे देनी चाहिए। शायद एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री वाले भी ऐसा अट्टहास नहीं कर पाते होंगे। ऐसा टेलेंट का पहली बार अनुभव हुआ।
उन्होंने सभी का आभार व्यक्त करने के साथ साथ मिच्छामि दुकड़म भी कहा। उन्होंने यह भी कहा कि यह मेरा पहला कार्यकाल है और बाकी बहुत कुछ है। उसे भी करेंगे, बाकी उसके लिए मुलायम सिंह जी ने आज बोल ही दिया है।
गौरतलब है कि मुलायम सिंह ने अप्रत्याशित रूप से आज प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन किया तथा कहा कि मोदी ने सबको साथ लेकर चलने की कोशिश की, वो चाहते है कि मोदी फिर से प्रधानमंत्री बने। इस बयान के बाद महागठबंधन खेमे में हलचल हो गई। लेकिन एक अच्छी बात यह रही कि सोशल मीडिया पर मुल्ला मुलायम के नाम से सम्बोधित होने वाले नेताजी कल इस दोष से मुक्त हो गए।
आगामी चुनाव में क्या होगा यह भविष्य ही बताएगा लेकिन देश के सर्वांगीण विकास के लिए पूर्ण बहुमत की स्थिर सरकार की आज के दौर में महती आवश्यकता है। जनता को इसी बात के मद्देनजर रखकर निर्णय लेना चाहिए। और जिसकी भी सरकार बने वो लच्छेदार भाषणों, आरोप प्रत्यारोप से ऊपर आकर देश के लिए काम करे, यही मेरी कलम की अपेक्षा है।
सर्व आश्रयदात्री भारत माता की जय।