इस रात की कब सुबह होगी : बैंक फ्रॉड


हम बात सरकारी नियमन और क्रियान्वयन की करेंगे कि क्या हो रहा है और कैसा होना चाहिए।
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मंगलवार से नया वर्ष प्रारम्भ हो गया। वैसे वित्तीय वर्ष तो अप्रेल में प्रारम्भ होगा पर हम आज ही वित्त सम्बन्धी बात कर लेते है। क्योंकि बिना वित्त व्यवस्था के कोई भी कार्य सम्भव नहीं है। पर हम बात सरकारी नियमन और क्रियान्वयन की करेंगे कि क्या हो रहा है और कैसा होना चाहिए।

बात अपने पड़ोसी देश चीन की करते हैं जो हमारे महाद्वीप का बड़ा देश है।

नए साल से चीन की टैक्स कलेक्शन अथॉरिटी ने नया नियम बनाया है। इस नियम के तहत ऐसा कोई भी बिजनेसमैन, कंपनी या व्यक्ति जिस पर किसी भी तरह का टैक्स बकाया हो, वह देश छोडक़र नहीं जा सकेगा।

नए नियम के दायरे में शुरुआत में ऐसे कारोबारी, कंपनियां और नौकरीपेशा लोग आएंगे, जिन पर 1 लाख युआन (10.26 लाख भारतीय रुपये) का टैक्स बाकी है। ऐसे बकायदारों की सभी जानकारी मसलन आई कार्ड, बैंक अकाउंट नंबर और पासपोर्ट डिटेल्स को टैक्स अथॉरिटी अपने ब्लैकलिस्ट डेटाबेस में डाल देगी। इस डेटाबेस को पुलिस, बैंक, इमिग्रेशन, पासपोर्ट, एयपोर्ट और सी-पोर्ट जैसे विभागों के साथ भी साझा किया जाएगा। ये सभी विभाग इन बकायेदारों पर नजर रखेंगे। ऐसे लोगों को देश छोडऩे की इजाजत भी नहीं होगी।

अब बात हम हमारे देश भारत की करते है। यहां पर ऐसा लगता है कि सबको खुली छूट मिली हुई है। एक तरफ जहां चीन में भारतीय मुद्रा के हिसाब से अगर 10 लाख का टेक्स भी बकाया होगा तो उसे देश छोडऩे की इजाजत नहीं होगी। लेकिन हमारे यहां वित्त वर्ष 2017-18 (अप्रैल 2017-मार्च 2018) में 41,167.7 करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड हुआ है। ओर यह आंकड़ा साल 2016-17 के 23,933 करोड़ रुपए से 72 प्रतिशत ज्यादा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरबीआई ने ये आंकड़े जारी किए हैं। हालांकि, फ्रॉड की रकम में ज्यादा इजाफा पीएनबी घोटाले की वजह से हुआ। फरवरी के पहले हफ्ते में 13,700 करोड़ रुपए के पीएनबी घोटाले का खुलासा हुआ था। यह फ्रॉड करने वाले कोई किसान, मजदूर, आम आदमी नहीं बल्कि सभी बड़े हाथी है। क्योंकि 50 करोड़ से अधिक रकम वाले 80 प्रतिशत मामले हैं।

वित्तमंत्री जेटली ने कुछ दिन पहले ही बताया कि 6 हजार बैंक कर्मचारियों पर कार्यवाही भी की गई है। लेकिन आरोपी अभी भी गिरफ्त से बाहर है। विदेश राज्यमंत्री सदन में यह तो बताते है कि पीएनबी घोटाले का आरोपी नीरव मोदी अभी यूके में है, पर ऐसे आरोपियों को रोकने की प्रभावी रणनीति हमारे पास नहीं है। मद्रास हाईकोर्ट ने भी पासपोर्ट के नियमो में बदलाव के लिए सुझाव दिया है, ताकि इस प्रकार के आरोपी फ्रॉड करके भाग न पाए। एक तरफ जहां किसानों की कर्जमाफी पर बवाल होता है। जहां दो पांच लाख रुपये के कर्ज कर लिए किसान परेशान होता है। जहां किसान ऋण के कारण सर्वाधिक आत्मघाती निर्णय लेते हैं। वहां अगर ऋण तथा वित्त सम्बन्धी अन्य विषयों पर विस्तृत न सोचा गया तो हमारी विकास दर प्रभावित होगी। यद्यपि पिछली तिमाही से इस तिमाही एनपीए में गिरावट हुई है, परन्तु इसे ही हम सन्तुष्टि जनक नही मान सकते। वित्त का मुद्दा इसलिए ही आज लिया क्योंकि काफी लोग किसान को कर्जमाफ करने पर अपने द्वारा दिये टेक्स की दुहाई देते हैं तो यह पैसा भी हमारे ही टेक्स का है, यह याद रखे। कल हम राममंदिर के विषय पर चर्चा करेंगे जो प्रधानमंत्री जी द्वारा दिये गए बयान के बाद फिर से एक बार चर्चा में आ गया है ।

सर्व आश्रयदात्री भारत माता की जय