राहुल गांधी पर भी आएगी फ़िल्म : माय नेम इज रागा


राहुल गांधी से इस देश को क्या अपेक्षाएं है तथा कितनी पर वो खरे उतरेंगे यह तो वक्त ही बताएगा लेकिन आजकल उनमे परिपक्वता तो आ रही है।
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राहुल गांधी से इस देश को क्या अपेक्षाएं है तथा कितनी पर वो खरे उतरेंगे यह तो वक्त ही बताएगा लेकिन आजकल उनमे परिपक्वता तो आ रही है। हाँ कभी कभार गाड़ी पटरी छोड़ देती है और फिर से पुराने ढर्रे पर आ जाते है, लेकिन ज्यादातर उद्बोधनों में उनका आत्मविश्वास बढ़ा हुआ दिखाई देता है, इसका मुख्य कारण तीन राज्यो में सद्य बनी सरकारें भी है। जो उनके पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद की पहली सफलता कही जा सकती है। लेकिन उनके कंधों पर पार्टी की जिम्मेदारी पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के दरम्यान ही आ गयी थी।

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह राहुल गांधी को कहते दिखते है कि अब समय आ गया है तुम अपनी जिम्मेदारी सम्भालो। वैसे यह सीन राहुल गांधी पर बन रही फिल्म का है, जिसका ट्रेलर हाल ही में जारी किया गया है, जिसका नाम है माय नेम इज रागा। इसमे राहुल गांधी की अभी तक की जीवनी को दिखाया गया है। इस फ़िल्म का निर्देशन रूपेश पाल कर रहे है। इस फ़िल्म की कहानी की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री तथा राहुल की दादी इंदिरा गांधी की हत्या से प्रारम्भ होती है तथा हालिया समय पर समाप्त हो जाती है। वैसे प्रारंभिक दौर कैसा रहा होगा इसके बारे में फ़िल्म आने से पहले ही आप इमेजिन कर सकते है। वैसे आपको बता दे कि फ़िल्म को विवादों से दूर रखने की पूरी कोशिस की गई है।

निर्देशक रुपेश पाल ने एक बयान में कहा कि फिल्म का मकसद न तो राहुल का महिमामंडन करना है और न ही उनका रहस्य हटाना है। यह एक ऐसे इंसान की कहानी है, जिसपर हास्यास्पद हमला किए गए और उसने किस तरह से शानदार वापसी की। उन्होंने यह भी कहा कि जिसने भी निडरता से हार और विफलता का सामना किया है, वे खुद को इस कहानी से जोड़ सकता है। इस लिहाज से मैं इसे बायोपिक नहीं कहना चाहता। यह किसी भी व्यक्ति की एक कहानी है, जिसे विपत्तिपूर्ण जीवन पर जीत दर्ज करने के बाद रोकना नामुमिकन हो जाता है। मतलब साफ है कि इसमें राहुल गांधी को कुछ हद तक अच्छा दिखाने की कोशिश की गई है।

वैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी फ़िल्म बन रही है तथा जिसका सीधा फायदा भाजपा उठाने के मूड में है। भाजपा ने हाल ही में चल रही फिल्म उरी का भी खूब फायदा उठाने की भरपूर कोशिश की है, यहां तक कि सांसद, विधायक द्वारा कार्यकर्ताओं तथा सामाजिक अग्रणियों को यह फ़िल्म दिखाकर इस फ़िल्म का प्रचार किया गया तथा द सर्जिकल स्ट्राइक के लिए प्रधानमंत्री जी को महिमामंडित किया गया, वैसे करना भी चाहिए क्योंकि यह निर्णय उनका अच्छा था तथा कुछ फैसलों का फायदा उठाना भी चाहिए क्योंकि ज्यादातर तो जनता के गले से अभी तक नही उतर रहे है।

कुल मिलाकर मुझे एक बात का आश्चर्य जरूर हो रहा है कि अब पक्ष विपक्ष को अपने प्रचार के लिए फिल्मों का सहारा भी लेना पड़ रहा है लेकिन यह बात निश्चित है कि इसमें फायदा पक्ष का ही ज्यादा होगा क्योकि उनके पास टेक्निक है कि फायदा कैसे लिया जाए, चाहे वो काट छांट करके ही लिया जाए। खैर आगे तो जनता जाने की उसे किस करवट बैठना है पर चुनाव तक मनोरंजन फुल ऑन रहेगा यह निश्चित है।

सर्व आश्रयदात्री भारत माता की जय