रुग्ण व्यक्तियों के लिए वरदान: स्मीमेर अस्पताल


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सूरत महानगर में दो बड़े सरकारी अस्पताल कार्यरत है। नई सिविल हॉस्पिटल साउथ गुजरात का बड़ा अस्पताल है जो राज्य सरकार के अंतर्गत आता है। उसके अलावा बड़ा सरकारी अस्पताल स्मीमेर हॉस्पिटल है जो सूरत महानगरपालिका द्वारा संचालित होता है।

आज हम सूरत के इस अस्पताल के बारे में ही चर्चा करेंगे।
सूरत महानगरपालिका द्वारा मेडिकल कॉलेज शुरू करने का सैद्धान्तिक निर्णय जनवरी 1999 में लिया गया था और मेडिकल कॉलेज नवम्बर 2000 में प्रारम्भ की गई जिसमे 100 सीट की मंजूरी प्राप्त हुई थी। शैक्षणिक वर्ष 2009-10 में 50सीट की ओर मंजूरी मिलने के बाद 150 सीट अभी स्नातक वर्ग में उपलब्ध है। पोस्ट ग्रेजुएशन अभ्यासक्रम में वर्ष 2006 से विविध फेकल्टी में 51सीट की मंजूरी मिली।

लगभग 25 एकड़ के क्षेत्रफल में फैले इस अस्पताल में प्रशिक्षण विभाग के 775 बेड है। जबकि क्रिटिकल मरीज के 186 बेड है। प्रतिदिन की ओपीडी लगभग 2000 मरीज की है।

चिकित्सा से सम्बंधित हर विभाग के अलग ऑपरेशन थियेटर है जैसे कि जनरल सर्जरी,ईएनटी, गायनेक, ऑर्थोपेडिक का अलग अलग ऑपरेशन थियेटर है। उसी क्रम में अलग अलग विभाग का आई सी यू, आई सी सी यू भी है।

एमआरआई, सीटी स्कैन की सुविधाएं पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के अंतर्गत अपोलो इमेजिंग सेंटर द्वारा चलाया जाता है।
इसके अलावा फिजियोथेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, प्रोस्थेटिक्स ओर ऑर्थोटिक्स, स्पीच थेरेपी ओर क्लिनिकल साइक्लोजी के विभाग भी कार्यरत है।

यह अस्पताल मध्यम तथा निम्न वर्ग के लिए आशीर्वाद स्वरूप है जो शहर के बिल्कुल मध्य में सहारा दरवाजा के पास स्थित है। इस होस्पिटल में पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री विभाग में तमाम जरूरी टेस्ट उपलब्ध है। शहर के लगभग 14 पुलिस स्टेशन के कार्यरत अंतर्गत होने वाले हादसों के पोस्टमार्टम यहां स्मीमेर अस्पताल में किये जाते है।

इस अस्पताल में काफी सेवा भावी संस्थाए अपनी सेवाएं देती है। सांईरोटी सेवा संघ द्वारा नित्य भोजन की व्यवस्था जरूरतमंद मरीजो को प्रदान की जाती है।

इस हॉस्पिटल में रक्तदान केंद्र तथा चक्षु बैंक भी कार्यरत है।
प्रोजेक्ट यशोदा के अंतर्गत पीडियाट्रिक विभाग में 11 दिसम्बर 2008 से मानव दुग्ध बैंक की स्थापना भी की गई है।
देहदान के लिए देह भी हॉस्पिटल में स्वीकार की जाती है।
इस अस्पताल में पिछले वर्षों में काफी बदलाव देखने को मिले है। कहना नही चाहिए परन्तु इससे बड़े अस्पताल नई सिविल हॉस्पिटल की तुलना में यह अस्पताल बेहतरीन तथा संतुष्टिजनक इलाज व सुविधा प्रदान करता है। महानगरपालिका की हॉस्पिटल समिति के अलावा सभी पदाधिकारी भी अस्पताल पर पूरा ध्यान देते है तथा समय समय पर इसका दौरा भी करते रहते है। डॉक्टर की टीम भी अपेक्षाकृत अधिक जागरूक है जो मरीजो को बेहतर चिकित्सा देने के लिए तत्पर रहती है। इमरजेंसी वार्ड में भी सभी सुविधा के साथ डॉक्टरों की टीम पूर्ण समर्पण के साथ 24 घण्टे कार्यरत रहती है।
इसको ओर बेहतर बनाने के लिए कुछ प्रयास ओर किये जायें तो वो दिन दूर नही जब इस अस्पताल का नाम दक्षिण गुजरात के बेहतरीन अस्पतालों में लिया जाएगा। आप सभी के बेहतर स्वास्थ्य की कामना के साथ…

सर्व आश्रयदात्री भारत माता की जय