मैं कहता आँखन देखी : सहिष्णुता


आजकल सोशल मीडिय़ा में नसीरुद्दीन शाह के बारें में काफी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही है। उन्होंने जब से बयान दिया है कि वो अपने बच्चों को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे है।
PC : facebok.com/naseeruddinofficial
Photo/Loktej

सुप्रभात। आजकल सोशल मीडिय़ा में नसीरुद्दीन शाह के बारें में काफी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। उन्होंने जब से बयान दिया है कि वो अपने बच्चों को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं क्योकि अगर कभी भीड़ ने उन्हें घेर लिया तो वो अपना धर्म क्या बताएंगे।
हो सकता है उनके नजरिये से वो सही हो लेकिन हिंदुस्तान में ऐसा कुछ नही है। एक आध अप्रिय घटना से पूरे देश की स्थिति उन्हें निर्धारण करके डर नहीं जतलाना चाहिए था।

उनके तथा उनसे भी पहले कुछ लोगों ने इस तरह का डर जतलाया है लेकिन स्थिति उसके उलट है क्योंकि उन सबको को इस देश की आवाम ने खूब प्यार दिया है। हालांकि इससे क्रोधित होकर काफी लोगों ने उन्हें पाकिस्तान जाने की सलाह भी दे डाली है।

चूंकि पाकिस्तान का जिक्र बहुत ज्यादा हुआ है तो हम आज बात करते हैं वहां की यातनाओं को छह साल झेल कर अभी कुछ रोज पूर्व आये हामिद अंसारी की। हामिद मियां को फेसबुक के जरिये एक लड़की से प्यार हो गया तथा इश्क जब होता है तो वो होता दिल से है लेकिन दिमाग पर फटाक से सवार हो जाता है। इनको भी जब प्यार का भूत सवार हुआ तो पहुंच गए माशूका से मिलने पाकिस्तान। शायद सोचा होगा कि वहां सभी हम मजहब लोग हैं तो कोई तकलीफ नहीं होगी पर हुआ इसका उल्टा। उसे वहां गिरफ्तार कर लिया गया तथा लगातार छह साल तक प्रताडि़त किया गया। उन्होंने एक बार भी नहीं सोचा कि वो मुसलमान है, उनकी नजर में वो सिर्फ और सिर्फ एक हिंदुस्तानी था। हर दिन पिछले दिन से अधिक भयावह होता था, उसे भयंकर यातनाएं दी जाती थी। पाकिस्तानी अफसर उसे कहते भी थे कि उन्हें पता है वो बेकुसूर है पर उनकी नजर में वो एक हिंदुस्तानी होने के कारण गुनाहगार था।

लगातार छह साल यातनाएं सह कर जब वो अटारी स्थित बाघा बॉर्डर से हिंदुस्तान लौटा तो उसे अपने घर आने का सुकून था। जी हां अपना घर, अपने घर लौटने में क्या सुकून है नसीर साहब कभी हामिद को पूछना। आपने तो झट कह दिया कि देश में जहर फैल चुका है पर हकीकत यह है कि दुनिया का एक मात्र ऐसा देश भारत है जहाँ पर हर धर्म को मानने वाले बड़े सुकुन से रहते हैं।

यहां की हवाओं में मोहब्बत है जो चन्द सियासतदां के द्वारा फैलाई नफरत पर सदा भारी है। आप कहते हैं कि मुझे मजहबी तालीम मिली है तो साहब कौन सा ऐसा मजहब है जो अमन का पैगाम नहीं देता? आपके बच्चों के धर्म को लेकर चिंतित मत होइए क्योंकि ऐसा देश सिर्फ भारत ही है जहां मानव धर्म को मानने वाले सर्वाधिक हैं। उन्हें सहिष्णुता सिखाइये, मानवता सिखाइये जो हर मजहब, सम्प्रदाय पर सदाकाल से भारी है। अच्छाई को ग्रहण करना तथा बुराई से दूर रहना सबसे बड़ा धर्म है। ओर वो हर विपत्ति में सदैव सहायक है। सबसे अधिक धार्मिक स्वतंत्रता वाले देश में ही अगर डर लगेगा तो दुनिया के किसी भी कोने में निर्भय नहीं रह सकोगे।

सर्व आश्रयदात्री भारत माता की जय