बंटने लगी चुनावी रेवड़ी


इस साल लोकसभा चुनाव होने वाले है। सब यह देखना चाहते है कि क्या भारत का मतदाता पुनः किसी एक पार्टी को स्पष्ट बहुमत देगा?
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इस साल लोकसभा चुनाव होने वाले है। इस आम चुनाव की चर्चा लगभग तीन साल पहले से ही प्रारम्भ हो गई है क्योकि सब यह देखना चाहते है कि क्या भारत का मतदाता पुनः किसी एक पार्टी को स्पष्ट बहुमत देगा? पिछले आम चुनाव में भाजपा को पूर्ण बहुमत का आंकड़ा देश के मतदाताओं ने दिया था परन्तु वो चुनाव उन्होंने गठबंधन के साथ मिलकर लड़ा था तो सरकार एनडीए की सरकार कहलाती है। प्रमुख राष्ट्रीय पार्टीयो के लिए देश भर में अकेले चुनाव लड़ पाना अब मुश्किल सा हो गया है क्योकि काफी क्षेत्रीय पार्टीयो ने अपना वर्चस्व अपने अपने राज्यो में बना लिया है। काफी राज्यो में उनकी सरकारें भी है। यह क्षेत्रीय पार्टीया चुनाव के समय जनता को लुभावने वादे करती है। इसके अलावा जहाँ इनकी सरकार है वहां बहुत सारे मुफ्त उपहार मतदाताओं को देकर उन्हें अपने पक्ष में करने का कार्य करते है।

वैसे लोकतांत्रिक प्रणाली में जनता को प्रत्यक्ष रिश्वत देकर वोट अपने पक्ष में करना गैर कानूनी माना गया है परन्तु चुनाव से पूर्व आचार संहिता लागू होने से पूर्व क्षेत्रीय पार्टियों द्वारा मतदाताओं को परोक्ष रूप से रिश्वत देने का सिलसिला काफी समय से चलता आ रहा है। इसे हम चुनावी रेवड़ी के रूप में भी जानते है। आंध्रप्रदेश में इस साल लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव भी होने वाले है। वहां की शासक क्षेत्रीय पार्टी तेलगु देशम ने चुनावी रेवड़ी बांटना प्रारम्भ कर दिया है। आंध्र प्रदेश की टीडीपी सरकार लोकसभा चुनाव और राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले लोगों को बड़ी सौगात देने जा रही है। पहले स्मार्टफोन देने का ऐलान करने के बाद मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू अब बेरोजगार ब्राह्मणों को कार देने जा रहे हैं।

बता दें कि चंद्रबाबू नायडू पहले ही कह चुके हैं कि जीवन को आसान बनाने के लिए राज्य को 1 करोड़ 40 लाख स्मार्टफोन चाहिए। उन्होंने राज्य के हर परिवार को स्मार्टफोन देने का ऐलान किया था और अब उनकी नजर राज्य के युवा ब्राह्मणों पर है। पहले क्र मः में 50 ब्राह्मण बेरोजगार युवाओं को तेदेपा सरकार मारुति स्विफ्ट डिजायर सेडान कार देगी। कारों का वितरण ब्राह्मण कल्याण निगम के माध्यम से किया जाएगा। लाभार्थी को वाहन का केवल 10 प्रतिशत खर्च करना होगा, जबकि शेष राशि का भुगतान आंध्र प्रदेश ब्राह्मण सहकारी क्रेडिट सोसाइटी द्वारा चुकाने योग्य ऋण के रूप में किया जाएगा। साफ शब्दों में कहे तो 10 प्रतिशत का भुगतान करने पर शेष राशि का ग्राहक को आंध्र प्रदेश ब्राह्मण सहकारी क्रेडिट सोसाइटी द्वारा ऋण दिया जाएगा। जिसकी किश्तों का भुगतान सरकार को हर महीने करना होगा।

इस प्रकार की लोक लुभावन चुनावी रेवड़ियां परिणाम को अपने पक्ष में करने में कामयाब हो जाती है। परन्तु अंततोगत्वा इस का भार देश की करदाता जनता पर पड़ता है। मुफ्तखोरी बढ़ा कर जो रेवड़ियां बांटी जाती है तथा लोकलुभावन वादे किए जाते है उनपर चुनाव आयोग को प्रतिबन्ध लगाना चाहिए। कम से कम इस प्रकार की व्यवस्था भी होनी चाहिए कि इस प्रकार की घोषणाओं पर चुनाव से एक वर्ष पूर्व ही रोक लगा दी जाए। चुनाव नीतिपरक होना चाहिए। जो पक्ष योग्य सुशासन देने के योग्य जनता को लगे उसे ही वो चुने, पर इसके लिए इन सब ललचावन लोकलुभावन बातों पर प्रतिबंध जरूरी है। इससे बेहतर वो होगा कि सरकार अपने द्वारा किये गए कार्य जनता को बताए तथा विपक्षी पार्टियां देश कल्याण के विषय मे अपनी रणनीति जनता को बताए,सरकार की खामियां तथा उस विषय मे स्वयं की सोच को जनता के समक्ष रखे। पर शायद क्षेत्रीय पार्टीयो के प्रभाव में आ चुके भारतीय लोकतंत्र में यह अब असम्भव सा हो चुका है। फिर भी कोशिस करनी चाहिए।

सर्व आश्रयदात्री भारत माता की …