राजनीति तथा सोशल मीडिया: कुछ सही बहुत कुछ गलत


प्रियंका गांधी की कांग्रेस में ऑफिसियल इंट्री के बाद कल राजनीति के मैदान में भी ऑफिसियल इंट्री हो गई है।
Photo/Loktej

प्रियंका गांधी की कांग्रेस में ऑफिसियल इंट्री के बाद कल राजनीति के मैदान में भी ऑफिसियल इंट्री हो गई है। कल प्रियंका ने लखनऊ में अमौसी से जवाहर भवन तक 14 किलोमीटर लम्बा रोड शो किया। यह रोड शो पांच घण्टे तक चला लेकिन इस दरम्यान प्रियंका ने सम्बोधित नही किया, न तो रोड शो में न ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में। हाँ उनके भाई राहुल गांधी जरूर बोले ओर आपको तो पता ही है कि राहुल गांधी की बात आजकल राफेल से शुरू होती है ओर राफेल पर ही खत्म होती है। आजकल उन्होंने एक नई बात और पकड़ी है कि कांग्रेस बैकफुट पर नही खेलेगी,फ्रंटफुट पर ही खेलेगी। कल उन्होंने यह दोनो बाते बोली भी। लेकिन कल का दिन प्रियंका गांधी वाड्रा के नाम रहा। उनके पहले दिन की इंट्री धुंआधार रही।
राजनीति के मैदान में इंट्री करने के साथ साथ प्रियंका ने सोशल मीडिया में भी प्रवेश किया। रविवार को सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर से वो जुड़ीं। जुड़ने के कुछ घंटे के भीतर ही प्रियंका के 81 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए तथा अभी उसकी संख्या लाख पार हो चुकी है। ट्विटर पर कांग्रेस ने लोगो से लखनऊ के रोड शो में जुड़ने की अपील की तथा प्रियंका के ट्विटर हैंडल से जुड़ने के लिए भी आग्रह किया।
अब बात करते है ट्विटर की ही, अगर प्रियंका गांधी रविवार को सुबह ही ट्विटर जॉइन किया है तो वो ट्वीट किसका है जिसको लोग धड़ाधड़ शेयर कर रहे है तथा उसके कमेंट बॉक्स में काफी लोग अपनी भड़ांस भी निकाल रहे है? मतलब यह ट्वीट बिल्कुल फेक था, लेकिन अभी भी शेयर बड़े पैमाने पर हो रहा है।
एक दूसरे ट्वीट की भी चर्चा कल बहुत रही जिसमे बताया गया कि तृणमूल के कार्यकर्ताओं ने भाजपा की रैली में हिंदुओं पर हमला किया है। इसके साथ तीन फोटो भी शेयर की गई। सोशल मीडिया के सभी साइट पर यह तीन दिन से चल रहा है। लेकिन इस खबर में भी कोई सच्चाई नही है। जिन तीन तस्वीरों को शेयर किया गया है उनमें से दो लखनऊ की पिछले साल नवम्बर की है, सहायक अध्यापक भर्ती को लेकर उत्तरप्रदेश विधानसभा के सामने प्रदर्शन किया गया था उसकी, इन प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज हुआ,सिर फूटे, तस्वीरें खिचीं, शेयर हुईं, ओर अब किसी और सूबे की सरकार को बदनाम करने के काम आ रही है। तीसरी फ़ोटो हालांकि कोलकाता की है पर सरकार से कोई लेनदेन नही है, वो एक स्कूल में हुए बवाल की है।
मतलब इन दो ताजातरीन उदाहरणों से यह तो पता चल जाता है कि कुछ लोग यह चाहते है कि भाजपा के अलावा पार्टीयो की हिन्दू विरोधी छवि बनाई जाए। वैसे ऐसे लोग गाहेबगाहे ममता बनर्जी को ममता बानो भी कहते है, हो सकता है उन्हें लगता हो कि ममता बनर्जी मुस्लिम तुष्टिकरण ज्यादा करती है। परन्तु इस खबर से उनका कोई सम्बन्ध नही है जो खूनखराबे के साथ तीन दिनों से लोगो द्वारा शेयर की जा रही है। आशय सीधा सा है कि जो लोग हिन्दू वोटो का ध्रुवीकरण चाहते है वो ही ऐसी अफवाहें फैला रहे है। जो देश के लिए घातक सिद्ध हो सकती है। मैं भी चाहता हूं कि वोट का ध्रुवीकरण हो, सब लोग एकमत हो एक पक्ष को बहुमत दे, ताकि देश मे स्थिर सरकार बने तथा विकास की गति तेज हो। लेकिन वो ध्रुवीकरण किसके पक्ष में?
जनता एकमत उस पार्टी के पक्ष में हो जो वाकई धरातल पर काम करे तथा अपने किये हुए वादों पर खरी उतरे, जिसके लिए सभी समान हो, जो जाति धर्म की राजनीति न करे, जिसके लिए देश सर्वोपरि हो। तथा सबसे बड़ी बात जो पार्टी तथा उसके अनुयायी देश की जनता को बिलावजह किसी के खिलाफ भड़काए नही, वो भी झूठ बोलकर, क्योकि झूठ के पांव नही होते, वो ज्यादा चल नही सकता, उसको चलाने वाली बैसाखियाँ बहुत जल्दी दिख जाती है।
देश को सर्वोपरि मान हम यह कार्य जरूर करे कि किसी भी खबर को सोशल मीडिया पर देख कर बिना उसकी सत्यता जाने उसे शेयर न करे जो किसी की धार्मिक, सामाजिक, राजनैतिक आस्था को ठेस पहुंचाती हो। जो हमारे देश मे जरा भी वैमनस्यता बढ़ाने वाली हो।
सर्व आश्रयदात्री भारत माता की जय