झुठही लेना झुठही देना, झुठही भोजन झूठ चबेना


आजकल झूठ का बोलबाला है। यहां तक कि लगता है कम्पीटिशन हो रहा है कि कौन कितना अच्छे तरीके से झूठ बोल सकता है।
Photo/Loktej

झूठो ने झूठो से कहा है, सच बोलो,

सरकारी एलान हुआ है,सच बोलो,

घर के अंदर झूठो की एक मंडी है,

दरवाजे पर लिखा है कि सच बोलो।

राहत इंदौरी का यह शेर आपने भी सुना होगा। आजकल झूठ का बोलबाला है। यहां तक कि लगता है कम्पीटिशन हो रहा है कि कौन कितना अच्छे तरीके से झूठ बोल सकता है। एक बात और भी है कि झूठ फैलता भी बहुत तेजी से है। और जो फैलाते है वो भले ही उस बारे में कुछ नही जानते हो पर तर्क ऐसे देंगे जैसे सबकुछ उनको जानकारी हो। सबसे बड़ी बात यह कि मजहबी बाते जो सीधा धर्म से सम्बंध रखती है वो तो जंगल की आग से भी तेज गति से फैलती है। हर कोई अपने तरीके से झूठ परोसने में लगा हुआ है और किसी ने टोक दिया कि यह गलत है तो उसकी तो खैर नही। अलग अलग तरह के तर्क देने के बाद उसे धर्म तथा देश का दुश्मन बताने में भी कोई गुरेज नही बरता जाता।

अभी लोकसभा का चुनाव होने वाला है। सब अपने अपने तरीके से तैयारी में लगे है। लेकिन कुछ लोगो की तैयारी बड़ी अलग होती है। वो होती है धार्मिक भावना भड़काने की। हाल ही में कई मेंसेज वायरल हो रहे है जो धार्मिक भावना भड़काने वाले है। राजस्थान सरकार को लेकर एक पोस्ट वायरल हो रही है। वायरल ही क्या,सब जगह वही छाई हुई है, वो भी अलग अलग तरीके से। पोस्ट में दावा किया गया है कि महाराणा प्रताप के किले में कांग्रेस सरकार ने मुस्लिम समुदाय को इज़्तिमा करने की इजाज़त दे दी है।

पोस्ट में लिखा है कि जो अकबर न कर सका वो अशोक गहलोत ने कर दिखाया।राजस्थान सरकार ने महाराणा प्रताप के कुम्भलगढ़ किले में नमाज की इजाजत प्रदान कर दी है। जिस किले में हमेशा एकलिंगनाथ, हर-हर महादेव का जयघोष होता रहा, वहा पहली बार अल्ला हु अकबर गूंजेगा। इसको ट्विटर पर हज़ारो की संख्या में रीट्वीट किया गया तथा फेसबुक तथा वाट्सएप पर तो इसकी धूम शेयरिंग हो रही है। किसी को भी सच्चाई का पता नही है। मैं खुद भी नही जानता था, मैं भी यही समझ रहा था कि वहां सैय्यद मुख्तार शाह की दरगाह पर उर्स का आयोजन होगा। इसलिए मैंने काफी जगह यह लिखा भी की ऐसा शायद हो रहा होगा।

लेकिन सच्चाई कुछ और ही थी।किले के बाहर ‘जश्न ए गरीब नवाज’ नाम का एक कार्यक्रम होना था जिसे विरोध के बाद रद्द कर दिया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन करने वाले कमिटी के अध्यक्ष अब्दुल शेख ने बताया कि ये कार्यक्रम उन्होंने अपनी मां नसीबन बेगम के हज यात्रा से लौटने की खुशी में रखा था। विरोध हुआ तो इसे कैंसिल कर दिया। अब आती है बात गहलोत सरकार की, तो यह बात सरासर गलत है। कुंभलगढ़ का किला भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अंतर्गत आता है। इसीलिए यहां होने वाले किसी भी आयोजन की अनुमति राज्य सरकार नहीं दे सकती। अतः गहलोत सरकार इस किले के अंदर किसी धार्मिक कार्यक्रम करने की इजाज़त दें, ऐसा मुमकिन ही नहीं है। राज्य सरकार के पास किले के भीतर आयोजन करने की इजाज़त देने की अथॉरिटी ही नहीं है। अनुमति सिर्फ पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ही दे सकता है।

अब आप ही बताइए कि कितना बड़ा झूठ बोलकर लोगो की भावना भड़काई गयी है? क्या यह उचित है? सिर्फ जरा से फायदे के लिए नफरत के बीज बौना क्या सही है? लेकिन कार्यक्रम रद्द होने के बाद भी लोग इसे शेयर ओर कॉपी पेस्ट कर रहे है। एक ओर झूठ फैलाया जा रहा है कि सर्फ एक्सेल का मालिक मुसलमान है ओर उसका नाम अतिकउल्लाह मलिक है। इसीलिये वो हिंदुओ की भावना का मजाक बना रहा है। अब आप ही बताइए कि हिंदुस्तान यूनिलीवर का मालिक कौन है। इसका स्पष्टीकरण नही करूँगा , आप ही गूगल में खोज लेना।

बस एक ही आकांक्षा है कि झूठ फैलाने से बचे, इससे राजनीतिक पार्टियों को तो बेशक फायदा हो जाएगा पर देश को नुकसानदेह होगा।

सर्व आश्रयदात्री भारत माता की जय