आतंक मुक्ति की राह पर कश्मीर


काफी बरसो से आतंकवाद की आग में झुलस रहे धरती का स्वर्ग कहलाने वाले कश्मीर से अच्छी खबर आई है।
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काफी बरसो से आतंकवाद की आग में झुलस रहे धरती का स्वर्ग कहलाने वाले कश्मीर से अच्छी खबर आई है। इसे आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कामयाबी के रूप में हम देख सकते है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कल गुरुवार को दावा किया कि बारामूला में अब कोई आतंकी नहीं बचा। यहां एक दिन पहले बुधवार को ही लश्कर के तीन आतंकी ढेर किए गए थे। राज्य में 2017 से सुरक्षाबलों की ओर से चलाए जा रहे ऑपरेशन ऑल आउट के बाद यह पहला मौका है जब किसी जिले को आतंकवाद मुक्त घोषित किया गया है।

इस कार्य के लिए जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि कश्मीर को शांति की जरूरत है, ताकि यहां बेहतर भविष्य बनाने में लोग अपना योगदान दे सकें। अभी आतंकवादियों की हरकतें सबसे ज्यादा दक्षिण कश्मीर में देखी गई हैं। सोशल मीडिया के जरिए ये लोग युवाओं को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। युवा इनके जाल में फंस जाते है। एक अनुमान के मुताबिक अभी राज्य में 300 के लगभग आतंकी बचे हुए है।

इस सबके बीच एक खबर यह भी है कि कश्मीर में आतंकियों का साथ छोड़कर सेना में शामिल हुए लांस नायक नजीर अहमद वानी को मरणोपरांत अशोक चक्र से नवाजा जाएगा। यह सम्मान गणतंत्र दिवस समारोह में उनके परिजनों को दिया जाएगा। पिछले साल नवंबर में शोपियां में मुठभेड़ के दौरान नजीर शहीद हो गए थे। इस ऑपरेशन में छह आतंकी मारे गए थे। नजीर वानी कभी आतंकियों के साथ थे, लेकिन उन्होंने रास्ता बदला और 2004 में टेरिटोरियल आर्मी की 162वीं बटालियन में शामिल हो गए। शहादत के वक्त वे 34 राष्ट्रीय राइफल्स में थे। वानी को पहले 2007 तथा 2018 में वीरता के लिए सेना मेडल से भी सम्मानित किया जा चुका है।

इन दोनों बातों से यह साफ है कि कश्मीर अब आतंकवाद मुक्ति की ओर बढ़ रहा है। अमन की चाहत सभी को होती है। कुछ जवान बरगलाने से गैर रास्ते चले जाते है पर वो भी सभी अमन ही चाहते है लेकिन उनको राह दिखाने वाला कोई नही होता है। अगर उनको अच्छे से मोटिवेट किया जाए तो वो वानी की तरह राह जरूर बदलेंगे तथा जनता का सहयोग रहा तो सम्पूर्ण कश्मीर आतंकवाद मुक्त भी बनेगा।

भारत माता का भाल अब रक्तरंजित नही होगा।

सर्व आश्रयदात्री भारत माता की जय