अगस्ता वेस्टलैंड : घोटाला या सिर्फ राजनैतिक पैंतरेबाजी!?


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पिछली सरकार के कार्यकाल में काफी घोटालो की चर्चा लगातार चली थी। उनमे से काफी घोटालो में केवल आरोप ही लगे जबकि धरातल पर कुछ नहीं निकला। पिछली साल इन्ही दिनों 2त्र स्पेक्ट्रम घोटाले पर निर्णय आया जिसमे आरोपी को कोर्ट ने दोषमुक्त घोषित कर दिया।

इसी प्रकार एक बहुचर्चित मामला अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर खरीद का भी रहा था। वीआईपी हेलीकॉप्टर खरीद में मिशेल नाम के व्यक्ति ने 225 करोड़ रुपये की दलाली खाई है, ऐसा आरोप लगाया गया था, इस मामले में पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी पर भी आरोप लगे है।

वैसे यह खरीद पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने रद्द कर दी थी और अगस्ता वेस्टलैंड कम्पनी को ब्लैक लिस्ट भी कर दिया था जिसे वर्तमान सरकार ने ब्लैकलिस्ट से बाहर कर दिया। और उस कम्पनी को नौसेना के लिए हेलिकॉप्टर खरीद की बोली में हिस्सा लेने की अनुमति भी दी ।

अब दोनों दल इस मामले में आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं क्योकि कल इस मामले के आरोपी मिशेल ने श्रीमती गांधी का नाम लिया था।
ईडी ने शनिवार को कोर्ट में कहा था कि मिशेल ने ‘श्रीमती गांधीÓ का नाम लिया, लेकिन किस संदर्भ में यह मालूम नहीं है।

ईडी ने यह भी दावा किया कि मिशेल ने अपने वकील को चोरी-छिपे एक चिट थमाकर पूछा था कि मिसेज गांधी से जुड़े सवालों के क्या जवाब दूं?

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दावे के बाद भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गईं है। कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि मामले में सरकारी वकील को मोदी की ओर से जो निर्देश मिल रहे हैं, वो वही कर रहा है। अब हमें किसी भी जांच एजेंसी पर भरोसा नहीं है। वहीं, भाजपा ने सवाल किया है कि भ्रष्टाचार के हर मामले में आरोपी सभी विदेशी नागरिकों के संबंध कांग्रेस के ‘पहले परिवारÓ से क्यों होता है?

जबकि यह डील कांग्रेस के जमाने मे ही रद्द हो चुकी है लेकिन इसका हल्ला काफी समय से हो रहा हंै और इस संदर्भ में जबसे मिशेल का प्रत्यर्पण हुआ हैं तब से सबकी निगाहें इसी पर लगी है।
अब देखना यह है कि 2जी, कोलजी, जीजाजी, राफेल की तरह यह भी फुस्स हो जाता है या कुछ इसमे से निकल कर आता है।
जो भी निकल कर आये आम चुनाव में इसका प्रभाव जरूर पड़ेगा। हम तो बस यही चाहते हैं कि भारत के रक्षा मसलों पर किसी भी प्रकार की चूक न हो।

सर्व आश्रयदात्री भारत माता की जय