आपके काम के GST अपडेट्स


1 फरवरी 2019 से इनपुट टेक्स क्रेडिट के सेट-ऑफ का नया सिस्टम लागू हो गया है।
(1) 1 फरवरी 2019 से इनपुट टेक्स क्रेडिट के सेट-ऑफ का नया सिस्टम लागू हो गया है। इसके हिसाब से यदि आपके पास IGST का बैलेंस पड़ा है तो किसी भी तरह के GST के पेमेंट के लिए आपको पहले उसी बैलेंस को यूज़ करना होगा।
जैसे यदि आपके पास IGST का 1 लाख रुपये का बैलेंस है तथा CGST का भी 1 लाख रुपये का बैलेंस है और आपको माल बेचने पर 50000/- का CGST का भुगतान करना है, तो आपको IGST का बैलेंस पहले यूज़ करना है। CGST के सामने वह सैट-ऑफ नहीं होगा।
इसका प्रभाव यह होगा कि आपके पास दूसरे एकाऊंट में बैलेंस होते हुए भी कई बार आपको GST का भुगतान कैश में करना होगा ।
(2) काफी लोग GSTR1 समय से नहीं भर रहे हैं। इसके लिए प्रतिदिन की पेनल्टी भरने के लिए कभी भी जीएसटी विभाग द्वारा नोटिस जारी किया जा सकता है।
(3) ई-वे बिल GST सिस्टम द्वारा सरकार काफी जानकारी अब ई-वे बिल पोर्टल द्वारा जुटा रही है। साथ ही सरकार ने GSTR1 की रिटर्न में ई-वे बिल पोर्टल से डाटा इंपोर्ट करने की सुविधा भी दे दी हैं। जिससे ये अंदाजा लगाया जा सकता है कि ई-वे बिल में डाली गयी बिलों की जानकारी अब GSTR1 में दी गयी बिलों की जानकारी से मिलान करने का सिस्टम भी सरकार तैयार करेगी।
कुछ लोग ट्रांसपोर्ट खर्च, डिस्काऊंट, पैकिंग खर्च वगेरे ई-वे बिल बनने के बाद बिल में जोड़ते हैं और उस पर शायद GST भी नहीं ऐड होती है। इससे आगे जाकर डाटा मेल नहीं खाता। इसलिए आप सभी ई-वे बिल सही तरीके से और बिल से मैच करके ही बनायें।
(4) एक और महत्वपूर्ण जानकारी यह है जीएसटीआर 2A नियमित रूप से मिलाते रहें। कारण कि काफी सप्लायर GST जमा नहीं करवा रहे हैं। जिसकी लायेबिलिटी आपको भरनी पड़ सकती है।