आपके दस्तावेज रखें संभाल के, कोई आपके नाम का दुरुपयोग ना करले


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तकनीकी विकास तथा ऑटोमेशन के इस ज़माने में जहां लोगों के लिए सब काम आसान हो गए हैं। घर बैठे एक मोबाइल में 5 मिनट में कोई बैठकर कोई भी लेन-देन आसानी से कर सकता है। बड़े से बड़ा कार्य इंटरनेट तथा टैक्नॉलोजी की सहायता से आसानी से किया जा सकता है। जहां तकनीक का इस्तेमाल सरलीकरण के लिए किया जा रहा है तथा लोगों की सहुलियत के लिए किया ज रहा है वहीं कुछ लोग इसका उपयोग गलत कार्य करने में भी करते हैं। fraud, hacking जैसे कार्य करके लोग खुद के फायदे के लिए दूसरों को तकलीफ में डाल देते हैं। अब लोग पुराने नए तरिकों से लोगों को बेवकूफ बना कर सरकार तथा लोगों को चूना लगा देते हैं।

ऐसा ही एक मामला सूरत में हुआ है, जहां एक 20 से 25 हजार रुपये के वेतन वाले व्यक्ति के घर पर 48 लाख रुपये की आयकर चोरी का नोटिस आ गया। जिसके परिणामस्वरूप पूरा मामला पुलिस थाने तक पहुंच गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सूरत के सरथाणा इलाके में रहने वाले ललितभाई ठोलिया नामक एक व्यक्ति के पुराने घर के पते पर आयकर विभाग की ओर से एक नोटिस आया था। पहली बार, उन्होने नोटिस नजरअंदाज कर दिया, जिसके कारण उन्हें आयकर द्वारा दो बार 48 लाख रुपये का भुगतान करने का नोटिस आया। उन्होंने नोटिस लिया और आयकर कार्यालय गए। वहां से उन्हें बताया गया कि ललितभाई के बॉम्बे मार्केट में इलाहाबाद बैंक के खाते से करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ है। इसके अलावा, उन्हें पता चला कि खाता खोलने के लिए उनके नाम का ड्राइविंग लाइसेंस और पैन कार्ड जैसे दस्तावेज़ों का इस्तेमाल किया गया था। और उनके प्रमाणों के आधार पर बैंक में मेसर्स मानसी क्रिएशन और मैसर्स महक फैब्रिक नाम का खाता खोल दिया गया।

वह इस मामले के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए बैंक में आए और बैंक से पता चला कि कुछ लोगों ने मेसर्स मानसी क्रिएशन और मेसर्स महक फैब्रिक नाम का खाता उमके इन दस्तावेज़ों का उपयोग करके 14 दिसंबर 2010 को खुलवाया था। उसमें 11 फरवरी 2012 से लेकर 14 मार्च 2012 तक की अवधि के दौरान 10.58 करोड़ के लेनदेन किए गए थे। जिसके कारण ललितभाई को आयकर ‌विभाग का नोटिस प्राप्त हुआ। इस पूरे मामले में धोखाधड़ी होने की जानकारी होते ही ललितभाई वराछा पुलिस स्टेशन पहुंचे और मामले की शिकायत दर्ज की।