बंगाल का राजनैतिक ड्रामा


अभी पूरे भारतवर्ष में पश्चिम बंगाल की सर्वाधिक चर्चा है।
Photo/Loktej

अभी पूरे भारतवर्ष में पश्चिम बंगाल की सर्वाधिक चर्चा है। और यह चर्चा तभी से बनी हुई है जबसे महागठबंधन की विशाल रैली वहां हुई तथा विपक्ष के लगभग सभी नेता मोदी सरकार के खिलाफ वहां लामबंद हुए थे। उसके बाद अमित शाह तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के कारण चर्चा और मुखर हुई क्योकि राज्य सरकार ने उसमे रोड़ा डाला था। प्रधानमंत्री की सभा मे बहुत ज्यादा भीड़ होने के कारण उनको अपना भाषण भी संक्षिप्त करना पड़ा था। लेकिन उस बात के अलावा भी वो रैली इसलिए चर्चा में रही कि उस सभा के पोस्टरों के ऊपर ममता दीदी के पोस्टर उनके समर्थकों ने लगा दिए थे।

इसके अलावा कल का पूरा दिन ही नाटकीय घटनाक्रम वाला रहा। कल सुबह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट करके कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार की प्रशंसा की थी और शाम को ही सीबीआई के अधिकारी राजीव कुमार के पास शारदा चिटफंड घोटाले की पूछताछ के लिए पहुंच गई। सीबीआई की 40 सदस्यीय टीम रविवार की शाम पुलिस कमिश्नर के घर छापा मारने पहुंची थी। लेकिन इसी दौरान झड़प हो गई। खुद ममता बनर्जी पुलिस कमिश्नर के घर पहुंच गई।  ममता बनर्जी ने छापेमारी के बाद पुलिस कमिश्नर के घर से ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। सीएम ममता बनर्जी से प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हमारा धैर्य अब जवाब दे रहा है। केंद्र सरकार सीबीआई पर हमारे खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव बना रही है। देश नरेंद्र मोदी से परेशान हो चुका है।

इसके बाद घटनाक्रम ने अजीब मोड़ लिया जिसमे देश की दो संवैधानिक संस्थाए आमने सामने हो गई। पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार से पूछताछ के लिए पहुंची सीबीआई टीम के 5 अफसरों को कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि, सभी अफसरों को करीब एक घंटे बाद छोड़ दिया गया। लेकिन यह कार्यवाही आश्चर्यजनक थी कि केंद्रीय जांच एजेंसी को जांच न करने देने के लिए न केवल दबाब बनाया गया बल्कि उन्हें उल्टा हिरासत में ले लिया गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि भाजपा चोर पार्टी है हम नहीं। कोलकाता में हमारी रैली के बाद मोदी और अमित शाह हमारे पीछे पड़ गए हैं। भाजपा की एक्सपायरी डेट करीब है। पुलिस कमिश्नर के घर पर छापेमारी अजीत डोभाल के इशारे पर की गई। राजीव कुमार दुनिया के बेहतरीन पुलिस अफसर हैं। चिटफंड घोटाले में हमने जांच की, गिरफ्तारियां भी हुईं। सीबीआई टीम बिना वारंट के पुलिस कमिश्नर के घर पहुंची थी। उनके अलावा दिल्ली के मुख्यमंत्री ने भी सीबीआई की कार्यवाही के लिए केंद्र सरकार की आलोचना की।

भाजपा के पश्चिम बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि बंगाल में लोकतंत्र खत्म हो गया है। सीबीआई सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जांच के लिए पहुंची थी, लेकिन उन्होंने इसकी इजाजत नहीं दी। सीबीआई अफसरों को हिरासत में लिया गया। आजादी के बाद ऐसा पहली बार हुआ है। ममता बनर्जी धरने पर तो बैठ गई लेकिन देश की जनता के लिए एक बड़ा सवाल छोड़ दिया कि सीबीआई को आखिर जांच से क्यो रोका गया? अगर कमिश्नर निर्दोष थे तो इतना बड़ा पोलिटिकल ड्रामा करने की कहाँ जरूरत आ पड़ी? बार बार ममता बनर्जी द्वारा संविधान विरुद्ध कार्य क्यो किये जाते है? यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सभा को भी उन्होंने नही होने दिया था, उन्होंने टेलीफोन से सभा सम्बोधित की थी। यह सब कृत्य न केवल लोकतंत्र के लिए हानिकारक है बल्कि तानाशाही को बढ़ावा देते है जिसकी दुहाई हर विपक्षी पार्टी गाहेबगाहे देती रहती है।

सर्व आश्रयदात्री भारत माता की जय