अंगदान प्रणेता: डोनेट लाइफ


समाजसेवा के क्षेत्र में सूरत का नाम पूरे भारत मे एक अलग ही वरियता से लिया जाता है।
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समाजसेवा के क्षेत्र में सूरत का नाम पूरे भारत मे एक अलग ही वरियता से लिया जाता है।सूरत में काफी समाजसेवी संस्थाए कार्यरत है जो अलग अलग क्षेत्र में कार्य करके मानव जीवन को सुगम बनाने का कार्य करती है। चिकित्सा, भोजन, प्राणी संरक्षण, जीवनोपयोगी अन्य कार्य करने वाली सैंकड़ो संस्थाए अपने आप मे एक उदाहरण है। सभी अपनी अपनी जगह महत्वपूर्ण है लेकिन कुछ संस्थाए ऐसी भी है जिनकी अंतरराष्ट्रीय पहचान है।

उनमे से एक संस्था डोनेट लाइफ है जिसका नाम अंगदान के क्षेत्र में बड़े ही सम्मान के साथ लिया जाता है। अंगदान के लिए प्रेरित करके सैंकड़ो को जीवन दान दे चुकी इस संस्था की स्थापना नीलेश भाई मांडलेवाला द्वारा सन 2005 में जीवनदान कार्यक्रम के तहत की गई। उन्होंने ब्रेनडेड लोगो के परिजनों को अंगदान के लिए प्रेरित करने के लिए इस संस्था की शुरुआत की। 2006 में एक किडनी के डोनेशन से प्रारम्भ हुआ कार्य आज विश्वस्तर पर एक वटवृक्ष के रूप में छा गया है तथा सैंकड़ो कार्यकर्ता इस संस्था के अंतर्गत कार्य करते हुए लोगो को प्रेरित करने का कार्य करते है।

हमारे देश मे 20 लाख से अधिक लोग किडनी फैल होने की बीमारी से पीड़ित रहते है जिसके कारण वो अपनी जान भी खो देते है। जबकि तकरीबन 2 लाख लोग साल में दुर्घटना तथा आकस्मिक पक्षाघात के कारण ब्रेन डेड भी हो जाते है लेकिन एवेयरनेस नही होने के कारण उनकी मृत्यु के उपरांत उनके साथ ही जला दिए जाते है अथवा दफन कर दिए जाते है। किडनी की बीमारी के अलावा हृदय, लिवर, पेनक्रियाज के पेशेंट भी बहुतायत में पाए जाते है। इस प्रकार की बीमारियों में जान जाने का जोखिम शत प्रतिशत रहता है जबकि मानव अंगों के अलावा इसका कोई प्रतिस्थापन्न भी नही है। जब चिकित्सकों द्वारा किसी ब्रेनडेड के लिए बिल्कुल ही नकारात्मक जबाब मिल जाता है तब डोनेट लाइफ की टीम उनके परिजनों को अंगदान के लिए प्रेरित करती है।

आज तक डोनेट लाइफ की प्रेरणा से 323 किडनी, 125 लीवर, 21 हृदय, 6 पेनक्रियाज तथा 230 नेत्रों का दान जरूरतमंदों को हो चुका है। जिससे 705 लोगो को जीवनदान मिल चुका है जिनके जीवन की कोई आशा नही थी। डोनेट लाइफ आर्थिक रूप से कमजोर अंगदाताओ के परिवार के बच्चो की शिक्षा के खर्च का वहन भी करता है तथा उनकी प्राथमिक जरूरतों का भी खयाल रखता है जबकि अंगदान स्वीकार करने वाले परिवारों से किसी भी प्रकार की आर्थिक मदद अस्वीकार करता है। संस्था के इस मिशन से देश के लोगो के अलावा विदेश के व्यक्ति भी लाभ ले चुके है। सयुक्त अरब अमीरात की एक बच्ची तथा यूक्रेन की एक महिला को हमारे यहां का हृदय प्रत्यारोपित करके संस्था ने बाहर मुल्क में भी जीवन को बचाने का कार्य किया है।

संस्था को काफी पुरुस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। लेकिन सबसे बड़ा पुरुस्कार किसी के जीवन बचने पर उसके तथा उसके परिवार के द्वारा निकली हुई दुआएं ही होती है ऐसा मेरा व्यक्तिगत मानना है। सभी अस्पतालों के डॉक्टर तथा समाजसेवी संस्थाओं के अलावा सूरत पुलिस, एयरपोर्ट ऑथिरिटी का भी संस्था को सदैव सहयोग रहा है। हम नीलेश भाई तथा उनकी टीम के इस सराहनीय प्रयास की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए सदैव आगे बढ़ने की कामना के साथ सभी के उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की भी कामना करते है।

सर्व आश्रयदात्री भारत माता की जय।

अंगदान प्रणेता : डोनेट लाइफ