ओलपाड स्थित साइनाइड कंपनी के खिलाफ किसान समाज का आक्रोश


ओलपाड स्थित साइनाइड कंपनी द्वारा भरूच जिले में पूरी तरह से जहरीली रसायण का कचरा डालते हुए टैंकर रंगे हाथ पकड़ा गया है।
Photo/Loktej

जहरीला कचरा डालने पर किसान समाज ने जिल्ला कलेक्टर को दिया ज्ञापन

सूरत। ओलपाड स्थित हिन्दुस्तान केमिकल्स प्रा. लि (साइनाइड कंपनी) द्वारा भरूच जिले में पूरी तरह से जहरीले रसायण का कचरा डालते हुए टैंकर रंगे हाथ पकड़ा गया है। कंपनी के अधिकारियों, कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने के लिए किसान समाज गुजरात द्वारा गुरूवार को भरूच-सूरत कलेक्टर तथा जीपीसीबी को ज्ञापन देकर जीवित बम समान इस कंपनी को हमेशा के लिए बंद करने की पेशकश की गई है।

किसान समाज गुजरात के अग्रणी जयेश पटेल, जयेश पाल, दर्शन नायक समेत किसान अग्रणियों ने गुरूवार को सूरत जिला कलेक्टर को मिलकर ज्ञापन दिया था। ज्ञापन में पेशकश की गई थी कि हिन्दुस्तान केमिकल्स कंपनी लि. ओलपाड सूरत में साइनाइड की भयानक केमिकल्स बनाती है। इस कंपनी ने 3 ट्रक जहरीले खतरनाक रासायणिक घन कचरा भरूच जिले के उमल्ला तहसील के वणखूंटा गांव में डाला था। वह कचरा डालते हुए रंगे हाथों गांव के लोगों द्वारा पकड़ी गयी है।

उमल्ला पुलिस स्टेशन में इस साइनाइड युक्त कचरा डालने के लिए हिन्दुस्तान केमिकल्स कंपनी तथा ट्रक चालक और अंकलेश्वर के किसी व्यापारी के खिलाफ एफआईआर क्रमांक आईआई-9/2019 से अपराध दर्ज किया गया है। इस संबंध में जीपीसीबी द्वारा शिकायत दर्ज की गई है। जिसमें कंपनी के सभी डायरेक्टर के नाम दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की मांग है। इस अपराध में संलिप्त सभी ट्रक के मालिकों, चालकों, व्यापारियों, इस प्रकार की गैर कानूनी कार्यवाही में संलिप्त कंपनी के अधिकारी ए.के. सिंह तथा गलत बिल तैयार करनेवाले कंपनी के कर्मचारियों पर अपराध दर्ज किए जाने और उनके खिलाफ कार्यवाही करने की मांग हुई है।

यह जहरीला रासायनिक साइनाइड युक्त कचरा मानव जाति के लिए काफी गंभीर रोगों का कारण बनता है। इससे तुरंत मांग की गई है कि कंपनी के सभी मालिकों और संलिप्त सभी आरोपियों के खिलाफ 307 की धारा और 120 बी की धारा लगाई जाए। आंतरिक विस्तार में इस प्रकार के गोरखधंधे करने के लिए कंपनी के खिलाफ जीपीसीबी तथा जिला कलेक्टर भरूच द्वारा कड़ी कार्यवाही करने की मांग हुई है। कंपनी द्वारा भूतकाल में भी ऐसे जहरीले रसायण जहां-तहां अवैध तौर पर डाला हो सकता है जिससे उसकी गहन जांच होनी चाहिए। कंपनी के उत्पादन के आंकड़ों पर से जीपीसीबी को जांच करनी चाहिए।

गुजरात के लोगों का स्वास्थ्य खतरे में डालने के लिए इस कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए और उसे हमेशा के लिए बंद कर दिए जाने की मांग की गई है। इस कंपनी के सामने एनजीटी में केस भी दर्ज किया गया था और इसका इसी रद्द हुआ था। राज्य सरकार ने विशेष कमिटी रचकर एक्शन प्लान भी पालन करने के लिए दिया था। इसके बावजूद इस कंपनी द्वारा ऐसी लापरवाही दिखाई गई है और कानून तथा सरकार की सूचना की अवहेलना हुई है। इस कंपनी के खिलाफ ओलपाड तहसील की जनता ने काफी विशाल आंदोलन भी किया था और समग्र ओलपाड तहसील की जनता के सिर पर जीवित बम समान और भोपाल जैसी दुर्घटना कर पाने में सक्षम इस कंपनी को बंद कर देने की मांग की गई थी। 41 ग्राम पंचायतों ने प्रस्ताव कर इस कंपनी को रद्द करने की मांग की थी। जिसके बावजूद सरकार ने कोई भी कार्यवाही नहीं किया।

एक उद्योगपति के हित को अधिक महत्व देकर सरकार ने ओलपाड नगर के बीचों-बीच यह कंपनी चलने की अनुमति दी है। जिसकी गतिविधियों से 20 हजार लोगों के सिर पर मौत का खतरा हमेशा रहता है। कंपनी के मालिकों ने गुजरात के बाहर बैठकर गुजरात के लोगों के स्वास्थ्य के साथ छेड़छाड़ की है वहीं कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी देने का काम किया है। जो आज साबित हुआ है। किसानों की पेशकश के अनुसार ऐसे नीच और अधम कृत्य को सभी परिस्थितियों में माफ नहीं किया जा सकता। इस तरह पर्यावरण सरकार और लोगों के साथ द्रोह करनेवाली कंपनी को गुजरात से फारगती देना जरूरी है। इस तरह किसानों ने राज्य सरकार से मांग की है कि इस कंपनी को यहां से हमेशा के लिए बंद कर ओलपाड तहसील के लोगों तथा गुजरात राज्य के लोगों की रक्षा की जाए।