रजिस्ट्रेशन और लायसंस के बिना गाड़ी चलाने वालों की अब खैर नहीं


वाहन चालकोंं को कार्ट की कड़ी कार्रवाई से गुजरना होगा
अब तक 300 अथवा 600 रूपए दंड लेकर छोड़ दिया जाता था
सूरत। वाहन चालकों को आगामी दिनोंं मेंं यातायात के नियमोंं का उल्लंघन करना बहुत भारी पड़ेगा। रजिस्ट्रेशन और लायसंस के बिना गाड़ी चलाने वाले अब मात्र आरटीओ में दंड भरकर नहींं छूट सकेंगे। रजिस्ट्रेशन और लायसंस के बिना पकड़े गए वाहन चालकोंं को अब अनिवार्य रूप से कोर्ट मेंं दंड भरना होगा। अब पुलिस वाहन चालकोंं को कोर्ट का मेमो देगी। वाहन मालिकों को ज्युडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट मेंं उपस्थित होकर कोर्ट के आदेशानुसार दंड भरना होगा।
मोहन वाहन अधिनियम 1988 की धारा 3 के तहत ड्राइविंग लायसंस के बिना वाहन चलाने पर प्रतिबंध है। इसी प्रकार धारा 30 के तहत रस्ट्रिेशन के बिना वाहन लेकर घूमना मना है। रजिस्ट्रेशन और लायसंस के बिना वाहन चलाने वालों के लिए दंड एवं सजा का प्रावधान है। धारा 181 के तहत बिना लायसंस गाड़ी चलाते हुए पकड़े जाने पर 3 महीने की कैद अथवा पांच हजार दंड अथवा दोनों हो सकती है। इसी प्रकार धारा 192 के तहत रजिस्ट्रेशन के बिना भी गाड़ी चलाने पर दंड और सजा का प्रावधान है। इसी आरोप मेंं दूसरी बार पकड़े जाने पर एक साल की कैद और 10 हजार दंड की सजा हो सकती है। एक साथ दोनोंं आरोप मेंं पुलिस को धारा 207 के तहत वाहन को उठाकर ले जाने का अधिकार है। अभी तक पुलिस दोनोंं मामलोंं मेंं वाहन चालकोंं से धारा-200 के तहत दंड लेकर छोड़ देती थी। इसके अलावा दूसरे विकल्प के रूप मेंं वाहन चालक आरटीओ में 300 अथवा 600 रूपए जमा करके छूट जाते थे। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए वाहन व्यवहार कमिश्नर ने नियमोंं को और कड़ा कर दिया है।
नए नियम केअनुसार पुलिस लायसंस तथा रजिस्ट्रेशन के बिना वाहन चलाने वालोंं को मांत्र दंड लेकर छोड़ नहींं सकेगी और न ही आरटीओ का मेमो दे सकेगी। पुलिस को ऐसे मामलोंं मेंं वाहन चालकोंं को अनिवार्य रूप से कोर्ट का मेमो देना होगा। वाहन चालकोंं को ज्युडिशियल कोर्ट मेंं उपस्थित होकर दंड भरना होगा। वाहन चालको यदि कोर्ट में अपना गुनाह कबूल करता है तो दंड भरना होगा और यदि अपना गुनाह कबूल नहींं करता तो आगे की कार्यवाई शुरु होगी।