बीसीसीआई दे अनुमति तो गुलाबी गेंद से हो सकता आईपीएल का 11वां सीजन


मेरठ की स्पोर्ट्स इंडस्ट्री उपलब्ध कर रही तीन रंग की गेंद

मेरठ (ईएमएस)। आने वाले माह में देश में फिर से फटाफट क्रिकेट का कुंभ शुरु होने वाला है। इंडियन प्रीमियर लीग का 11वां सीजन इस बार बड़े पैमाने पर खिलाड़ियों की अदला-बदली तो हुई ही है। इसके साथ ही साथ मैच के समय में भी बदलाव किए गए हैं,लेकिव अब जो हम आपको बताने जा रहे हैं, वो इस आइपीएल का सबसे बड़ा बदलाव हो सकता है और ये ही वजह है कि आइपीएल का 11वां सीजन पहले के 10 सीजन से सबसे अलग होगा। बता दें कि आइपीएल के 11वें सीजन को खेले जाने के लिए गुलाबी गेंद का इस्तेमाल किया जा सकता है।
इंडियन प्रीमियर लीग की धमाकेदार स्पर्धा में मेरठ की स्पोर्ट्स इंडस्ट्री हर तरफ नजर आएगी। जहां तमाम दिग्गज क्रिकेटरों के हाथ में मेरठ के बल्ले होंगे,वहीं टूर्नामेंट के लिए कूकाबूरा गेंद भी मेरठ से भेजी जा रही हैं। ऑस्ट्रेलियाई कंपनी कूकाबूरा की मेरठ स्थित कंपनी ने सफेद और गुलाबी रंग की गेंदों की आपूर्ति की है। हाल में ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड में डे-नाइट मैच में इस्तेमाल हुई गुलाबी गेंद भी चर्चा में है,जहां विशेषज्ञों ने प्रयोग को सफल माना है।
बात दे कि भारत में टेस्ट क्रिकेट एसजी की गेंद से खेली जाती है,जबकि वनडे अंतरराष्ट्रीय एवं आइपीएल के लिए गेंद कूकाबूरा देती है। आइपीएल में मैचों के साथ ही टीमें इस गेंद का प्रयोग अभ्यास सत्र में भी कर रही हैं। कूकाबूरा की दुनियाभर में ऑस्ट्रेलिया,इग्लैंड,न्यूजीलैंड एवं भारत समेत कुल चार कंपनियां हैं। 2014 में मेरठ में विश्वकर्मा इंडस्ट्रियल एस्टेट में कंपनी ने एशिया का एकमात्र केंद्र खोला। भारत में जल्द ही शुरू होने वाले आइपीएल के लिए लाल,गुलाबी एवं सफेद रंग की गेंदें उपलब्ध कराई गई हैं। डे-नाइट मैचों में ज्यादातर सफेद गेंदों का प्रयोग होता है,किंतु गुलाबी गेंद भी विकल्प बनकर उभरी है। गत वर्ष हुए महिला विश्व कप में भी कंपनी ने गेंदों की आपूर्ति की थी। मेरठ की कूकाबूरा कंपनी क्रिकेट के साथ ही हॉकी इंडिया को भी गेंद देती है। भारत में खेले जाने वाले विश्वस्तरीय स्पर्धाओं एवं हॉकी लीग में इन्हीं गेंदों का प्रयोग हुआ। भुवनेश्वर में हुए टूर्नामेंट में भी इसी गेंद का प्रयोग हुआ।