भला हो रेलकर्मियों का वर्ना बर्निंग ट्रेन बन जाती तिनसुकिया एक्सप्रेस


तिनसुकिया एक्सप्रेस में मंगलवार को बड़ा हादसा होने से टल गया। बारसोई-कटिहार रेलखंड में यह ट्रेन आग की लपटों में जाने से बाल-बाल बच गई।
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कटिहार। तिनसुकिया एक्सप्रेस में मंगलवार को बड़ा हादसा होने से टल गया। बारसोई-कटिहार रेलखंड में यह ट्रेन आग की लपटों में जाने से बाल-बाल बच गई। ‎जिसके चलते ट्रेन को यहां पर लगभग ३७ मिनट तक रोका गया। जानकारी के अनुसार मंगलवार की सुबह बारसोई-कटिहार रेलखंड पर सोनैली स्टेशन के पास ३२८१ न्यू तिनसुकिया एक्सप्रेस जो तिनसुकिया से चलकर राजेंद्र नगर नई दिल्ली को जाती है के इंजन से पीछे पांचवी बोगी के निचले हिस्से में अचानक से काफी धुआं उठने लगा।

थ्रू आउट ट्रेन को सोनैली स्टेशन पर रोककर स्टेशन मैनेजर आलोक दत्ता और अन्य कर्मियों द्वारा बर्निंग ट्रेन बनने से बचा लिया गया। धुआं देखते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और सभी ट्रेन से बाहर आ गए। रेल कर्मियों ने थ्रू आउट ट्रेन को लाल सिग्नल देकर किसी प्रकार रोका और तुरंत ही अग्निशमन यंत्र लेकर दौड़ लगाई और आग पर काबू पाया। इस दौरान ट्रेन लगभग ३७ मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। ट्रेन ९ बज कर २२ मिनट पर स्टेशन पर रुकी। जब ‎स्थिति सामान्य हो गयी तो ट्रेन को ९ बजकर ५९ मिनट पर रवाना किया गया। स्टेशन प्रबंधक आलोक कुमार दत्ता ने बताया यदि रेल कर्मियों द्वारा आग नहीं देखी जाती तो एक बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि किन कारणों से बोगी के निचले हिस्से में इतना धुआं उठा था।

– ईएमएस