सूरत में स्वामिनारायण मंदिर के मूर्ति प्रतिष्ठा महोत्सव में उपस्थित रहे सीएम विजय रूपाणी


मुख्यमंत्री विजयभाई रूपाणी नवनिर्मित स्वामिनारायण मंदिर के मूर्ति प्रतिष्ठा महोत्सव समारोह की पूर्व संध्या पर उपस्थित रहे।
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स्वामी नारायण संप्रदाय ने सामाजिक कार्यों को धर्मकार्यों के साथ जोड़कर राज्य के विकास में अनोखा योगदान दिया है: मुख्यमंत्री
आध्यात्मिक चेतना के केन्द्र समान मंदिरों द्वारा हमारे संस्कार और संस्कृति संरक्षित रही है : विजयभाई रूपाणी

लोकतेज संवाददाता, सूरत। मुख्यमंत्री विजयभाई रूपाणी नवनिर्मित स्वामिनारायण मंदिर के मूर्ति प्रतिष्ठा महोत्सव समारोह की पूर्व संध्या पर उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री द्वारा सूरत के रूस्तमबाग में तापी किनारे साकार हुए स्वामी नारायण मंदिर में दर्शन कर संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके अलावा मोटा वराछा में स्वामी नारायण मंदिर के 2 से 9 दिसम्बर तक आयोजित मूर्ति प्रतिष्ठा महोत्सव अंतर्गत विद्वान संस्कृताचार्य सतश्री के वक्तापद पर आयोजित स्वामी नारायण चरित्र कथा में उपस्थित रहकर कथा श्रवण का भी लाभ लिया।

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इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा स्वामी नारायण मंदिर के मूर्ति प्रतिष्ठा महोत्सव के अवसर पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि स्वामी नारायण भगवान ने हरिकृष्ण भगवान और लक्ष्मी नारायण देव की मूर्तियों की स्थापना करने के साथ वडताल मंदिर का निर्माण कराया था। पवित्र शिक्षापत्री भी उन्होंने स्वहस्त से वडताल में ही लिखी थी। जिससे समग्र स्वामी नारायण संप्रदाय के लिए वडताल तीर्थस्थान है। स्वामी नारायण संप्रदाय के संतों ने अपना समग्र जीवन भगवान को अर्पण कर जनसेवा, सामान्य जन की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, व्यसन मुक्ति जैसे सामाजिक कार्यों को धर्म कार्य के साथ जोड़कर गुजरात के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सुदूरवर्ती गावों और आदिवासी विस्तारों तक सेवायज्ञ द्वारा गुजरात को प्रतिष्ठित बनाया है। स्वामी नारायण चरित्र कथा में सतश्री द्वारा धर्म के साथ देशप्रेम-देशभक्ति मजबूत करनेे की सीख दी जा रही है, वहीं कथापान के माध्यम से उनके समाज निर्माण की भावना को मुख्यमंत्री ने सराहा। मुख्यमंत्री द्वारा दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी की अटूट और अखंड राष्ट्रवाद और देश प्रेम का स्मरण भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आध्यात्मिक चेतना के केन्द्र समान मंदिरों द्वारा हमारे संस्कार और संस्कृति संरक्षित रही है। तापी किनारे साकार हुई स्वामी नारायण मंदिर दर्शनार्थियों में आध्यात्मिक चेतना जगाएगी। उन्होंने यह विश्वास व्यक्त किया कि यह मंदिर धर्म भावना और सत्कार्यों से सामाजिक उत्तर दायित्व निभाकर अटूट श्रद्घा प्रकट करेगी।

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प्रधानमंत्री नरेन्द्रभाई मोदी के गरीबी, भ्रष्टाचार, जातिवाद से मुक्त ऐसे अभय और नए भारत के संकल्प में हम सभी कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग दें। संतों के आशीर्वाद से राज्य के विकास के लिए अविरत कार्य करने का बल मिलता है। ऐसा कहक मुख्यमंत्री ने मूर्ति प्रतिष्ठा महोत्सव के लिए ह्रदय से शुभकामनाएं दी।

सुखे मेवे से बनाई गई हार से मुख्यमंत्री का स्वागत

इस अवसर पर आचार्य राकेश प्रसादजी द्वारा मुख्यमंत्री को प्रसाद के तौर पर साफा और सूखे मेवे से सजाई गई हार पहनाकर स्वागत किया गया। वक्ता सतश्री ने मुख्यमंत्री को नवनिर्मित मंदिर की तस्वीर अर्पण की। उल्लेखनीय है कि आचार्य राकेश प्रसाद जी के आशीर्वाद से और सतश्री के मार्गदर्शन में रूस्तमबाग में महाप्रसादीभूत स्थान में भारतीय शिल्पकथाओं से भरपूर शहर का गौरव समान अद्भुत भव्य मंदिर का निर्माण हुआ है। बंसी पहाडपुर पत्थर से निर्मित हुई इस मंदिर की विशेषता यह है कि मंदिर में 60,000 घनफुट पत्थर का उपयोग हुआ है। 105 फुट लंबाई, 95 फुट चौड़ाई और 85 फुट ऊंचाई वाले इस मंदिर में 5 शिखर, 9 धुम्मट, 182 स्तंभ, 1600 मयुर, 44 कमान, 1100 पशु पक्षी, 38 तोरण, 209 पाट, 5 सीलिंग, 12 द्वार, 900 मूर्तियां, 10 झरोखे, 1800 हाथी की नक्काशी की गई है।

मुख्यमंत्री विजयभाई रूपाणी के प्रसायों से वडतालधाम को पवित्र यात्रआधाम विकास बोर्ड की सूची में शामिल किया गया है, जिसके लिए उन्होंने आभार की भावना व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री गत देव दिवाली के दिन वडताल धाम की मुलाकात के अवसर पर पवित्र यात्राधामों अंबाजी, डाकोर, सोमनाथ, द्वारिका और पालिताणा की तरह अब वडताल का भी यात्राधाम बोर्ड अंतर्गत सर्वांगी विकास करने की घोषणा किया था। राज्य सरकार के निर्णय से संतों तथा भक्तों में आनंद की भावना व्याप्त है, इस प्रकार सतश्री ने गर्व से बात कही।

इस महोत्सव अंतर्गत लाइट एन्ड साउन्ड शो द्वारा मंदिर का भव्य उद्घाटन, अन्नकूट, 108 कुंडी महाविष्णुयाग, भव्य महिला मंच, रक्तदान कैंप तथा अनेक प्रकार की आध्यात्मिक तथा सामाजिक कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित हो रहे हैं।

इस अवसर पर स्वास्थ्य राज्यमंत्री किशोरभाई कानाणी, सांसद दर्शनाबेन जरदोश, विधायक मुकेशभाई पटेल, वी.डी. झालावाडिया, हर्ष संघवी, विवेक पटेल, संगीताबेन पाटील, मेयर डॉ. जगदीशभाई पटेल, जिला कलेक्टर डॉ. धवल पटेल, पुलिस कमिश्नर सतीष शर्मा, संत ज्ञानजीवनदासजी स्वामी समेत बड़ी संख्या में शहरवासियों और भक्तों-संतगण की उपस्थिति रही।