स्टीकर लगाकर फल बेचने पर लगेगा 2 लाख जुर्माना


यूपी उन्‍नाव जिले में स्टीकर लगाकर फल बेचने पर 2 लाख जुर्माना लगेगा। स्टीकर लगाकर फल बेचने को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना है।
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उप्र के उन्‍नाव में स्टिकर लगे फल अब नहीं बिकेंगे

उन्नाव । यूपी उन्‍नाव जिले में स्टीकर लगाकर फल बेचने पर 2 लाख जुर्माना लगेगा। प्रदेश सरकार ने स्टीकर लगाकर फल बेचने को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना है। इसके साथ ही इनकी बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। शासन के आदेश के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त ने बैन संबंधी पत्र विभागीय अधिकारियों को जारी किया है। फल मंडियों में दुकानदार स्टिकर लगे फलों की धड़ल्ले से बिक्री कर रहे हैं। बड़ी दुकानों में तो हर फल में स्टिकर चिपका नजर आता है। स्टिकर लगाने के पीछे उससे अच्छी क्वॉलिटी का फल दिखाना होता है, जिससे लोग फल को प्राथमिकता देकर खरीदें, लेकिन अब सरकार ने स्टीकर को चिपकाने में प्रयोग होने वाले गम (गोंद) को मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना है।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के स्थानीय अभिहित अधिकारी डा, धीर सिंह ने बताया कि पूर्व में हुई जांच में यह पाया गया कि स्टिकर को चिपकाने के लिए जो केमिकल (गोंद) लगाया जाता है उसमें हानिकारक रसायन होते हैं। जो धूप पड़ने पर फलों के गूदे तक प्रवेश कर जाते हैं। स्टिकर हटाने पर भी इसका प्रभाव बना रहता है। डा, सुधीर का कहना है कि अभी स्टिकर लगे फलों के हानिकारक होने की जानकारी कारोबारियों को देनी है। उन्हें जागरूक करना है। इसके बाद भी माने तो मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। इसमें व्यापारी पर दो लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

उन्‍नाव जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डा आशुतोष ने बताया कि स्टिकर को चिपकाने में प्रयोग होने वाले घातक केमिकल युक्त गोंद का इस्तेमाल होता है। इस गोंद की टॉक्सिट से मुंह और पेट में संक्रमण हो सकता है। उन्होंने बताया कि ऐसे फलों का लगातार सेवन कैंसर का भी कारण बन सकता है। उनकी सलाह है कि स्टिकर लगे फल न खाएं। अगर फल में स्टिकर का प्रयोग किया गया है तो फल के उस हिस्से को गहराई से काटकर फेंक दें। अपर आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन शकील अहमद खां की ओर से भेजे गए पत्र की जानकारी सभी जिलास्तरीय अभिहित अधिकारी को दी है। निर्देश में कहा गया है कि फल मंडियों और सुपर बाजार में बेचे जा रहे स्टिकर लगे फल मानव स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं, जिसके बाद अफसरों को निर्देश दिया गया है कि बाजारों का निरीक्षण करें। इसके साथ ही फल कारोबारियों को स्टिकर लगे फलों से होने वाले नुकसान के लिए जागरूक किया जाए।इसके साथ ही उपभोक्ताओं और आम लोगों को इसके दुष्प्रभाव बताकर जागरूक करें ताकि वह स्टिकर लगे फलों का उपयोग न करें। बताया जा रहा है की स्टिकर में लगे केमिकल में हानिकारक रसायन होते हैं।

– ईएमएस