पटाखों से नहीं किया परहेज तो दिल्ली का गैस चेंबर बनना तय


दिल्लीवासियों को इस दीपावली काफी सावधानी बरतने की जरूरत है क्योंकि एक सर्वे के मुताबिक पिछले साल से आधे पटाखे भी जले तो दिल्ली का गैस चेंबर बनना तय है।

नई दिल्ली (ईएमएस)। लगातार प्रदूषित होती दिल्लीवासियों को इस दीपावली काफी सावधानी बरतने की जरूरत है। एक सर्वे के मुताबिक पिछले साल से आधे पटाखे भी जले तो दिल्ली का गैस चेंबर बनना तय है।

प्रदूषण की रोकथाम से जुड़ी केंद्रीय एजेंसी ‘सफर’ के मुताबिक, इस बार अगर पिछले साल की तुलना में आधे पटाखे भी जले तो 8 और 9 नवंबर को दिल्ली का पूरी तरह गैस चैंबर बनना तय है। अगर ऐसा हुआ तो 8 और 9 नवंबर को राजधानी की हवा सांस लेने लायक नहीं रहेगी। पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में पटाखे बेचने पर रोक लगाई थी। इससे कम बिक्री हुई।

इस बार कोर्ट ने शर्तों के साथ पटाखों की बिक्री को मंजूरी दी है लेकिन लोगों ने इस बार पहले ही पटाखे खरीद कर रखे हुए हैं। कई एरिया में चोरी-छिपे पटाखों की बिक्री हो रही है। दशहरे पर पटाखों का क्रेज देखा गया था। दोनों दिन खूब आतिशबाजी हुई। इसका असर अगले दिन हवा में दिखा।

सफर के अनुसार, मंगलवार को प्रदूषण बेहद खराब की श्रेणी में भी पहुंच सकता है। अगर दिल्ली-एनसीआर इस बार पटाखे मुक्त दिवाली मनाता है, तो 7 और 8 नवंबर को स्थिति में सुधार आएगा लेकिन यह बेहद खराब स्तर पर ही बनी रहेगी। पिछले साल के मुकाबले आधे पटाखे भी जले तो पटाखों का धुआं प्रदूषक तत्वों को और अधिक जमा देगा। उनके छंटने की प्रक्रिया भी धीमी कर देगा। इसकी वजह से न सिर्फ पीएम 2.5 का स्तर बढ़ेगा, बल्कि पीएम 1 भी तेजी से बढ़ेगा। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि दिवाली नवंबर में आई है। तापमान कम हो चुका है, हवाओं में नमी काफी अधिक है और कोहरे का सीजन भी शुरू हो गया है।