जानलेवा साबित हो रही हैं आंध्र प्रदेश से आने वाली मछलियां


मछलियों में फार्मलीन, कैडमियम लेड और फॉर्मल डिहाइड जैसे हानिकारक रसायनों की मौजूदगी लोगों के स्वास्थ्य के लिए जानलेवा साबित हो रही है।
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पटना। आंध्रप्रदेश से आने वाली मछलियों में फार्मलीन, कैडमियम लेड और फॉर्मल डिहाइड जैसे हानिकारक रसायनों की मौजूदगी लोगों के स्वास्थ्य के लिए जानलेवा साबित हो रही है। फार्मलीन कैंसर की प्रमुख वजह है, जबकि कैडमियम ब्रोंकाइटिस, लीवर में परेशानी के अलावा कैंसर की एक प्रमुख वजह है। इसी तरह मिथाइल मर्करी गर्भस्त शिशु के लिए विशेष रूप से हानिकारक है। इससे भ्रूण के मस्तिष्क, नर्वस सिस्टम और किडनी को गंभीर क्षति पहुंचती है।

फार्मलीन रसायन का प्रयोग मछलियों को अधिक दिनों तक सुरक्षित रखने में किया जाता है। इसका इस्तेमाल उन मछलियों में विशेष रूप से किया जाता है, जिन्हें दूर से लाया जाता है। इसका लगातार इस्तेमाल कैंसर होने की प्रमुख वजह है। इसी तरह ई-कचरे और औद्योगिक कचरे में पाया जाने वाला कैडमियम भी बेहद नुकसानदेह रसायन है। मछलियां पानी में कैडमियम युक्त भोजन करती हैं। उनके मांस के साथ यह हमारे शरीर में प्रवेश कर जाता है। हमारा शरीर इसकी थोड़ी सी भी मौजूदगी बर्दास्त नहीं कर पाता। इसकी थोड़ी सी भी मात्रा बुखार, मांसपेशियों में दर्द, ब्रांकाइटिस, निमोनिया के अलावा लीवर पर घातक प्रभाव डालती हैं। यह कैंसर की भी बड़ी बड़ी वजह है। आंध्र प्रदेश से आने वाली मछलियों में बड़ी मात्रा में फर्मलीन का प्रयोग किया जाता है। फार्मलीन के हानिकारक प्रभावों की जांच के लिए मछली के सैंपलों की कोलकाता में जांच कराई गई, तो पुष्टि हुई आंध्रप्रदेश से आने वाली मछली में फार्मलीन की माफा मौजूद है। फार्मलीन युक्त या दूषित मछलियों को खाने से बैक्टिरियल संक्रमण का भी खतरा होता है। इसके प्रभावों से कई बार लोग जल्दी उबर आते हैं, लेकिन जिनका प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर होता है, वे संक्रमण की वजह से अपनी जान तक से हाथ धो बैठते हैं।

फार्मलीन के अलावा जिन मछलियों में मिथाइल मर्करी अधिक मात्रा में पाई जाती है, उन्हें भी खाने से बचना चाहिए। मिथाइल मर्करी गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष रूप से घातक है। मिथाइल मर्करी से भ्रूण के मस्तिष्क, नर्वस सिस्टम और किडनी को गंभीर क्षति पहुंचती है। यह एक जहरीला रसायन है, जो प्लासेंटा के जरिए भ्रूण में प्रवेश कर उसको नुकसान पहुंचाता है। आंध्र प्रदेश से आने वाली मछलियों में सभी 10 मानकों पर गड़बड़ रिपोर्ट आने के बाद अब बिहार में अब इन मछलियों को प्रतिबंधित किए जाने की तैयारी की जा रही है।

– ईएमएस