बेसहारा बच्चों के लिए देवदूत बने दंपति, 136 बच्चों की कर रहे परवरिश


ओडिशा के कालाहांडी में एक दंपति सड़क पर भटकने वाले बच्चों के लिए देवदूत बन कर सामने आए हैं। उनका पालन-पोषण कर रहे हैं।
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कालाहांडी । ओडिशा के कालाहांडी में एक दंपति सड़क पर भटकने वाले बच्चों के लिए देवदूत बन कर सामने आए हैं। वे माता-पिता बनकर उनका पालन-पोषण कर रहे हैं। श्याम सुंदर जल और उनकी पत्नी कसूरी ‘जशोदा आश्रम’ नाम से एक अनाथालय चला रहे हैं। जहां उन बच्चों को आश्रय दिया गया है, जिन्हें उनके जैविक माता-पिता ने छोड़ दिया है। इस समय ऐसे 23 लड़के और 113 लड़कियां इस आश्रम में रह रहे हैं।

जिन लोगों ने इन बच्चों को जन्म दिया है, वे भले ही इन्हें सड़क पर छोड़ गए हो, लेकिन श्याम और कसूरी ने उन्हें न सिर्फ प्यार दिया, बल्कि उन्हें अपना नाम भी दिया है। श्यामसुंदर बताते हैं कि ये बच्चे अब अपने माता-पिता के नाम के स्थान पर हमारे नाम का इस्तेमाल करते हैं। आश्रम में रहने वाली 12 लड़कियों की हम शादी करा चुके हैं। अभी यहां 19 बच्चे हैं, जो पढ़ाई कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि डोनेशन के पैसों से श्याम सुंदर और कसूरी ने ‘जशोदा आश्रम’ का निर्माण किया है। उन्होंने बताया छोड़े गए बच्चों में ज्यादातर लड़कियां हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ये बच्चे उन्हें कहां और किन परिस्थितियों में मिले। श्यामसुंदर ने कहा कि हमें कई बच्चें झाड़ियों और तालाबों के पास पड़े मिले। कई ऐसे बच्चे थे, जिन्हें हमने कुत्तों से मुंह से छीने। हमने एक छोटा सा कमरा बना कर उन्हें एक जगह रखा। बाद में लोगों ने भी इसके लिए धन देना शुरू कर दिया और दान के पैसों से जशोदा आश्रम का निर्माण किया। उन्होंने कहा हमारी कोशिश है कि किसी भी अभिभावक रहित बच्चे का जीवन नष्ट नहीं हो।

– ईएमएस