पति की अनुमति के बिना पत्नी को स्‍टेटमेंट देने पर बैंक पर 10 हजार का जुर्माना


एक स्‍थानीय बैंक को अपने ग्राहक की अनुमति के बिना उसके खाते का बैंक स्‍टेटमेंट उसकी पत्‍नी को देने की वजह से जुर्माना भुगतना पड़ा।
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अहमदाबाद। कभी-कभी ग्राहको को बेहतर सेवा मुहैया कराना भी बैंक को भारी पड़ जाता है। एक स्‍थानीय बैंक को अपने ग्राहक की अनुमति के बिना उसके खाते का बैंक स्‍टेटमेंट उसकी पत्‍नी को देने की वजह से जुर्माना भुगतना पड़ा। गुरुवार को अहमदाबाद के जिला उपभोक्‍ता विवाद निवारण फोरम ने इंडियन ओवरसीज बैंक को आदेश दिया कि वह दिनेश पमनानी को 10 हजार रुपयों का जुर्माना दे। पमनानी ने बैंक पर यह कहते हुए मुकदमा किया था कि उसने बिना उनसे पूछे उनके बैंक अकाउंट का ब्‍यौरा उनकी पत्‍नी को सौंप दिया था।

पमनानी ने फोरम को बताया कि उनका अपनी पत्‍नी के साथ फैमिली कोर्ट में वैवाहिक विवाद चल रहा है और उनकी पत्‍नी बैंक स्‍टेटमेंट से मिली जानकारी कोर्ट को दे सकती हैं। पमनानी का कहना था कि बैंक के इस फैसले से उनकी अपने वित्‍तीय हालात को गुप्‍त रखने की कोशिश बेकार हो गई। 6 मई 2017 को पमनानी को बैंक की ओर अपने मोबाइल फोन पर मेसेज मिला था कि उनके अकाउंट से 103 रुपए काट लिए गए हैं। दो दिन बाद जब उन्‍होंने बैंक अधिकारियों से इस कटौती के बारे में पूछा तो उन्‍हें बताया गया कि उनकी पत्‍नी हर्षिका ने उनके बैंक का स्‍टेटमेंट निकाला था इसलिए यह शुल्‍क काटा गया है। पमनानी का कहना था कि उन्‍होंने बैंक को इस बात के लिए अधिकृत नहीं किया था कि वह उनके अकाउंट का ब्‍यौरा उनकी पत्‍नी को दे। बैंक का कहना है कि, पमनानी की पत्‍नी हर्षिका बैंक की शाखा में अपनी पति की एजेंट के तौर पर आई थीं और बैंक ने स्‍टेटमेंट अपने ग्राहक को बेहतर सेवाएं देने के रूप में दिया था।

– ईएमएस