गजब दुनिया
सेहत के लिए अनमोल है यह तेल
एक शोध के अनुसार मछलियों के तेल में पाया जाने वाला ओमेगा-३ चर्बीदार तेजाब, कोशिकाओं की जिंदगी बढ़ाने के लिए जिम्मेदार होता है। शोध में पाया गया है कि मछली का तेल समय से पूर्व बुढ़ापे को आने से रोकता है। यह खोज दिल के मरीजों में की गई जिन्हें अपने भोजन में मछली की मात्रा बढ़ाने के लिए कहा गया है ताकि भविष्य में हृदयघात को होने से रोका जा सके।वै ज्ञानिकों ने दावा किया है कि मछली का तेल इस्तेमाल करने से सेहतमंद बनाने के साथ-साथ जीवनवर्ध्दक भी है। वैज्ञानिकों के किए एक शोध के अनुसार मछलियों के तेल में पाया जाने वाला ओमेगा-३ चर्बीदार तेजाब, कोशिकाओं की जिंदगी बढ़ाने के लिए जिम्मेदार होता है। शोध में पाया गया है कि मछली का तेल समय से पूर्व बुढ़ापे को आने से रोकता है। यह खोज दिल के मरीजों में की गई जिन्हें अपने भोजन में मछली की मात्रा बढ़ाने के लिए कहा गया है ताकि भविष्य में हृदयघात को होने से रोका जा सके। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के वैज्ञानिकों ने दिल के ६०८ मरीजों पर ओमेगा-३ चर्बीदार तेजाब के होने वाले असर का अध्ययन किया। वैज्ञानिकों ने पाया किम ओमेगा-३, टेलोमेर्स में पाए जाने वाले डीएनए को होने वाले नुकसान को कम करता है। टेलोमेर्स गुणसूत्रों के अंत में पाई जाने वाली छोटी टोपी होते हैं जो सूजन और जलन के साथ उम्र बढऩे की प्रयिा को होने वाले नुकसान से बचाता है। टेलोमेर्स जितने यादा स्वस्थ रहेंगे आपके उतना ही स्वस्थ और ज्यादा युवा रहने की संभावना बन जाती है। वैज्ञानिकों ने बताया कि जैसे-जैसे इन्सान की उम्र बढ़ती है, वैसे ही टेलोमेर्स छोटे होते जाते हैं जिससे उनमें कुछ बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह प्रयिा उम्र से सम्बन्धित कई बीमारियां होने का कारण होती हैं। इससे इन्सान के जीवनकाल पर असर पड़ता है। वैज्ञानिकों ने यह शोध मरीजों पर पांच साल तक किया। शोध में कहा गया है कि इस दौरान जिन लोगों ने ओमेगा-३ कम मात्रा में लिया उन लोगों में टेलोमेर्स के जल्दी छोटा होने का खतरा २५ प्रतिशत उन लोगों के मुकाबले यादा बढ़ जाता है जो यादा मात्रा में उसे लेते हैं
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