गजब दुनिया
पसीने से खत्म नहीं होते शरीर के विषैले तत्
वाशिंगटन। विशेषज्ञों के मुताबिक गर्म पानी के झरनों पसीना लाने बनी लॉजों और महंगे स्पा की बदौलत शरीर के विषैली तत्व खत्म नहीं होते। यकृत - लीवर जिगर - जरूर ऐसा अंग है जिसकी मदद से विषैले तत्व शरीर से बाहर निकाल सकते हैं। पसीना लाने वाले ग्रंथियों से ये बाहर नहीं निकलते। वैज्ञानिकों की दलील हैं कि मानव शरीर में गर्म रक्त होता हैं, इसलिए शरीर की गर्मी नियंत्रित करने का इसे एक तरीका मान सकते हैं। शरीर में अधिक गर्मी होने पर शरीर जल पसीना ग्रन्थियों से बाहर निकलता हैं अगर व्यक्ति को शीतलता महसूस होने लगती है। पसीने में ज्यादातर तत्व पानी, घुले खनिजों और यूरिया के होते हैं। इस तरह विषैले तत्व निकल जाना गलत है। पसीने से विषों के खात्मे के लिए किए जाने वाले प्रयासों से नुकसान का अंदेशा ज्यादा हो जाता हैं। मुमकिन हे इस तरह व्यक्ति जान से हाथ धो बैठे। न्यूएज के प्रेरणादायक वक्तञ जेम्स आर्थर के पर यह इल्जाम लग चुका है कि गत आठ अक्टूबर को उन्होंने अपने अनुयायियों से पसीना लॉज समारोह के दौरान ऐसे काम कराए कि तीन लोगों की मौत हो गई। कुछ अनुयायी बीमार पड़ गए और कुछ को इलाज के लिए अस्पताल में भरती करना पड़ा।
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